मंडी भाव

प्याज की कीमतों पर केंद्र का फैसला, ये होगी बफर स्टॉक वाले प्याज की कीमत

Centre's decision on onion prices

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि देश में प्याज का उत्पादन और उपलब्धता पर्याप्त है तथा आने वाले महीनों की घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार के अनुसार 24 अगस्त 2026 से महाराष्ट्र के नासिक से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज की ढुलाई और बिक्री शुरू की जाएगी। पहले चरण में चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, कोच्चि और गुवाहाटी को इसमें शामिल किया गया है। बाजार की मांग और कीमतों की स्थिति को देखते हुए आगे अन्य शहरों को भी जोड़ा जा सकता है।

35 रुपये किलो की दर पर मिलेगा प्याज

उपभोक्ता मामलों की सचिव खरे के अनुसार बफर स्टॉक से प्याज को प्रमुख उपभोग केंद्रों की मंडियों और खुदरा बाजारों में जारी किया जाएगा। कुछ चुनिंदा केंद्रों पर उपभोक्ताओं को प्याज 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी वाली दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। खरे के मुताबिक नासिक में प्याज की मंडी कीमतें दिल्ली से अधिक हैं। उन्होंने इसके पीछे व्यापारियों की मिलीभगत और सट्टेबाजी को भी एक कारण बताया है।

पिछले साल के करीब ही है प्याज का उत्पादन

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में देश में प्याज का उत्पादन करीब 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। पिछले साल उत्पादन करीब 307.67 लाख मीट्रिक टन था। यानी दोनों वर्षों में उत्पादन लगभग समान स्तर पर रहा है। सरकार का कहना है कि उत्पादन स्थिर रहने के कारण देश में प्याज की वास्तविक कमी नहीं है। आने वाले महीनों में घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त उपलब्धता रहने की उम्मीद है।

अगस्त-सितंबर में क्यों बढ़ते हैं प्याज के दाम?

सरकार के अनुसार अगस्त और सितंबर के दौरान प्याज की कीमतों में तेजी एक सामान्य मौसमी प्रवृत्ति है। इस अवधि में त्योहारी सीजन के कारण मांग बढ़ती है। इसके अलावा मौसम संबंधी चुनौतियां और आपूर्ति व्यवस्था में आने वाली बाधाएं भी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। इसी मौसमी दबाव को कम करने के लिए सरकार बफर स्टॉक का इस्तेमाल करती है, जिससे प्रमुख बाजारों में प्याज की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और कीमतों में अनावश्यक तेजी को नियंत्रित किया जा सके।

नासिक से पांच बड़े बाजारों तक भेजा जाएगा प्याज

नई व्यवस्था के तहत 24 अगस्त से नासिक से प्याज की ढुलाई शुरू होगी। पहले चरण में चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, कोच्चि और गुवाहाटी को प्याज भेजा जाएगा। सरकार बाजार की मांग, कीमतों और उपलब्ध स्टॉक पर लगातार नजर रखेगी। जरूरत पड़ने पर अलग-अलग शहरों में भेजी जाने वाली प्याज की मात्रा में बदलाव किया जाएगा और नए शहरों को भी आपूर्ति व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

कांदा एक्सप्रेस से 88 हजार टन प्याज पहुंचा

सरकार के अनुसार 2025-26 के दौरान कांदा एक्सप्रेस पहल के तहत करीब 88 हजार मीट्रिक टन प्याज देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया गया। इसके लिए 86 रेलवे रेक का इस्तेमाल किया गया और प्याज को 16 प्रमुख शहरों तक भेजा गया। इससे पहले 2024-25 में 14 रेलवे रेक के माध्यम से करीब 12 हजार मीट्रिक टन प्याज पांच शहरों तक पहुंचाया गया था। एक साल में रेलवे के जरिए प्याज की ढुलाई में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।

कीमतों और स्टॉक की लगातार निगरानी

सरकार के मुताबिक अलग-अलग राज्यों में प्याज की कीमतों, मंडियों में आवक और उपलब्ध स्टॉक की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत के अनुसार बफर स्टॉक से प्याज जारी करने का समय और मात्रा तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अच्छे उत्पादन, पर्याप्त बफर स्टॉक और बेहतर परिवहन व्यवस्था से मौसमी तेजी के असर को कम करने में मदद मिलेगी।

जरूरत पड़ने पर और शहरों में होगी आपूर्ति

सरकार ने कहा है कि यदि बाजार की स्थिति और मांग को देखते हुए जरूरत महसूस हुई तो प्याज आपूर्ति अभियान का दायरा बढ़ाया जाएगा। अतिरिक्त शहरों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि मूल्य स्थिरीकरण नीति का उद्देश्य किसानों को उचित लाभ दिलाने के साथ उपभोक्ताओं को भी राहत देना है। पर्याप्त उत्पादन, बफर स्टॉक और बेहतर आपूर्ति व्यवस्था के जरिए प्याज की कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश जारी रहेगी।

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