कृषि समाचार

बिहार में फिर शुरू होंगी चीनी मिलें, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

Sugar mills will reopen in Bihar

पटना, 30 जुलाई 2026: उत्तर बिहार में लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 20 नवंबर को मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम स्थित ऐतिहासिक चीनी मिलों की आधारशिला रखने के लिए बिहार आएंगे। सरकार का मानना है कि इन मिलों के शुरू होने से गन्ना किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा, राज्य में निवेश बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। हाल ही में लागू की गई बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 के बाद गन्ना आधारित उद्योगों में निवेशकों की रुचि भी बढ़ी है।

सहकारी मॉडल पर संचालित होंगी नई चीनी मिलें

गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बताया कि दोनों नई चीनी मिलों के संचालन की जिम्मेदारी सहकारिता विभाग को सौंपी जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों की भागीदारी बढ़ाना और सहकारी व्यवस्था के माध्यम से चीनी उद्योग को टिकाऊ तथा लाभकारी बनाना है। इससे किसानों को सीधे तौर पर उद्योग से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलों का लक्ष्य

राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए गन्ना आधारित उद्योगों की स्थापना और गन्ना क्षेत्र के विस्तार को प्रोत्साहित करने वाली नई नीति को मंजूरी दी जा चुकी है। सरकार का कहना है कि नीति लागू होने के बाद निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है और कई नए प्रस्ताव सामने आए हैं।

गन्ना किसानों को मिल रही कई योजनाओं का लाभ

गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को 45 प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही गन्ना बीज विकास, गन्ना यंत्रीकरण, गन्ना नर्सरी और नए चीनी मिल क्षेत्रों में गन्ना विस्तार जैसे अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं। सरकार ने राष्ट्रीय स्तर के तीन प्रमुख संस्थानों के साथ भी समझौते किए हैं, ताकि आधुनिक तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंचाया जा सके।

चीनी के साथ इथेनॉल और ऊर्जा का भी होगा उत्पादन

सरकार की योजना है कि नई चीनी मिलें बहुउद्देशीय औद्योगिक परिसरों के रूप में विकसित हों। इन परिसरों में चीनी उत्पादन के साथ इथेनॉल, बिजली और बायोगैस का भी उत्पादन किया जाएगा। इससे उद्योगों की आय बढ़ेगी और किसानों के लिए गन्ने की मांग भी मजबूत होगी।

मढ़ौरा चीनी मिल विवाद सुलझाने की तैयारी

गन्ना उद्योग विभाग ने बताया कि सारण जिले की मढ़ौरा चीनी मिल से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद को जल्द समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए सरकारी भूमि का चयन भी किया जा रहा है। सरकार ने मोतीपुर की बंद चीनी मिल की 266 एकड़ भूमि वापस लेने को भी मंजूरी दे दी है।

किसानों के भुगतान और उद्योग विस्तार पर सरकार का जोर

राज्य सरकार का दावा है कि किसानों के लंबित गन्ना भुगतान का शत-प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। सरकार का मानना है कि नई चीनी मिलों की स्थापना, आधुनिक गन्ना विकास योजनाओं और निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों से बिहार में चीनी उद्योग को नई गति मिलेगी। इससे गन्ना किसानों की आय बढ़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का भी विस्तार होगा।

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