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हरियाणा में मछली पालन को ऐसे मिलेगा बड़ा बढ़ावा

Fish Farming

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार राज्य में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विकास कर रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछली पालन को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कोल्ड स्टोरेज, मछली मंडियां, झींगा प्रसंस्करण इकाई और एकीकृत जलकृषि उद्यान जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है।

मछली पालन में बढ़ रहा हरियाणा का दायरा

देश में समुद्र और नदियों से मछली पकड़ने की तुलना में तालाबों और अन्य आधुनिक प्रणालियों के जरिए मछली पालन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश पहले और हरियाणा दूसरे स्थान पर है। अब राज्य सरकार इस क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाकर पहले स्थान पर पहुंचने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए मछली पालकों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है और उन्हें विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

43 कोल्ड स्टोरेज तैयार करने की योजना

मछली उत्पादन के बाद भंडारण की समस्या दूर करने के लिए राज्य में 25 कोल्ड स्टोरेज तैयार किए जा चुके हैं, जबकि 18 नए कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कार्य जारी है। इनमें से 10 कोल्ड स्टोरेज के लिए किसानों को अनुदान भी दिया गया है। कोल्ड चेन विकसित होने से मछलियों की गुणवत्ता बनी रहेगी और मछली पालकों को अपनी उपज सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

मछली मंडियों और गुणवत्तापूर्ण बीज पर जोर

सरकार फरीदाबाद, गुरुग्राम और हिसार में आधुनिक मछली मंडियां स्थापित करने की तैयारी कर रही है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार मिल सके। साथ ही राज्य के 15 सरकारी बीज केंद्रों के माध्यम से मछली पालकों को गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्पादन से लेकर विपणन तक किसानों को हर स्तर पर सहयोग देना है।

सौर ऊर्जा और झींगा प्रसंस्करण को मिलेगा बढ़ावा

मछली पालकों को तालाबों पर सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने के लिए अब तक 45 लाख रुपये की अनुदान राशि दी जा चुकी है। सरकार ने अधिकारियों को लंबित अनुदान का जल्द भुगतान करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा राज्य में झींगा प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे झींगा उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की सुविधा मिल सकेगी।

भिवानी में बनेगा एकीकृत जलकृषि उद्यान

भिवानी जिले के गरवा गांव में 24.5 एकड़ भूमि पर एकीकृत जलकृषि उद्यान विकसित किया जाएगा। करीब 98.90 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य मछली और झींगा उत्पादन की उत्पादकता बढ़ाना है। इसके निर्माण के लिए कंपनियों से निविदाएं भी आमंत्रित की जा चुकी हैं। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से राज्य में मत्स्य क्षेत्र को नई गति मिलेगी और मछली पालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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