नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों के लिए बड़ा मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में व्यापक रूप से भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं, बिजली गिरने और आंधी-तूफान का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में 3 से 7 मई के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की आशंका है।
कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर
2 मई को पूर्वोत्तर राज्यों, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश जारी रहने की संभावना है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा।
मध्य भारत के कई हिस्सों में भी हल्की बारिश और आंधी का असर दिखेगा। हालांकि तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है। 2 मई को अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रह सकता है।
3 मई को दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 4 मई को भी बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश के एक-दो दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी।
आगे के दिनों का पूर्वानुमान
उत्तर-पश्चिम भारत के जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 3 से 7 मई के बीच बारिश और बर्फबारी के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी आंधी और बारिश का दौर बना रहेगा।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि मध्य भारत में भी कुछ दिनों तक गरज-चमक और हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और उमस भरा मौसम बना रहेगा।
किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खड़ी फसलों को सहारा दें और खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखें। ओलावृष्टि की आशंका वाले क्षेत्रों में फलों और सब्जियों की फसलों को जाल या ढककर सुरक्षित रखें।
जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। किसानों को फिलहाल बुवाई टालने और खेतों में पानी जमा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे बारिश और तेज हवाओं के दौरान पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और चारे को सूखा बनाए रखें। गर्मी वाले इलाकों में हल्की सिंचाई और छायादार व्यवस्था अपनाने की भी सलाह दी गई है, ताकि फसलों और पशुओं को नुकसान से बचाया जा सके।
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