बिलासपुर: देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद महाराष्ट्र और केरल सहित अन्य राज्यों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू की पुष्टि
बिलासपुर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिसर में एवियन इन्फ्लुएंजा एच पांच एन एक वायरस की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में यहां पांच हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों की मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
कंटेनमेंट और निगरानी बढ़ाई गई
प्रशासन ने पांच किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील क्षेत्र घोषित करते हुए आवाजाही पर कड़ी नजर रखी है। मृत पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सफाई और निगरानी अभियान तेज कर दिया गया है।
सरकारी फार्म पर बड़ा असर
यह कुक्कुट पालन केंद्र राज्य सरकार द्वारा संचालित है, जहां हजारों पक्षियों का पालन किया जा रहा था। इस घटना के बाद पूरे फार्म को बंद कर दिया गया है, जिससे इससे जुड़े किसानों और लाभार्थियों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।
अंडों की जांच जारी
फार्म में मौजूद अंडों की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने तक उनकी आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अन्य राज्यों में भी अलर्ट
छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र और केरल में भी मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। सीमावर्ती राज्यों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी मृत पक्षी के संपर्क में न आएं और तुरंत सूचना दें। स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित संक्रमण से निपटने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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