कृषि समाचार

PM Kisan को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अहम घोषणा

पीएम किसान की 21वीं किस्त जारी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कई अहम घोषणाएं कीं, जिनका सीधा फायदा देशभर के किसानों को मिलेगा। चौहान ने कहा कि अब भारत के बॉर्डर वाले गांवों में रहने वाले किसानों को भी पीएम-किसान योजना का लाभ दिया जाएगा, भले ही उनके पास जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज न हों। बशर्ते राज्य सरकार उनकी पहचान की पुष्टि कर दे। ऐसी स्थिति में योजना की एक किस्त तुरंत जारी कर दी जाएगी। यह कदम लंबे समय से बॉर्डर इलाकों के किसानों की मांग रही थी।

जम्मूकश्मीर दौरे पर बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए राहत

जम्मू-कश्मीर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान चौहान ने किसानों और मजदूरों से मुलाकात की। उन्होंने घोषणा की कि:

  • मनरेगा के तहत काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 करने पर राज्य सरकार से चर्चा होगी।
  • जिन किसानों और ग्रामीणों के घर बाढ़ में तबाह हुए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ₹1,30,000 की सहायता मिलेगी।
  • शौचालय निर्माण के लिए अलग राशि और ₹40,000 की मनरेगा मजदूरी दी जाएगी।
  • अब तक 5,101 घरों के नुकसान की जानकारी मिली है, जिनके लिए तुरंत मंजूरी दी जाएगी।

कृषि बीमा और बागवानी को भी राहत

चौहान ने बताया कि बाढ़ से मिर्च और धान जैसी फसलें बर्बाद हुई हैं। ऐसे में जिन किसानों ने बीमा कराया है, उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पूरा मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा बागवानी श्रमिकों और सेब बागानों के लिए भी विशेष राहत पैकेज की व्यवस्था की जाएगी।

ट्रैक्टर और कृषि यंत्र होंगे सस्ते

दिल्ली में कृषि यंत्र निर्माताओं के साथ बैठक के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों पर GST में कटौती लागू होगी। इस फैसले से:

  • किसानों को ₹23,000 से ₹63,000 तक की सीधी बचत होगी।
  • छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि यंत्र खरीदना आसान होगा।
  • कस्टम हायरिंग सेंटर्स (CHCs) के लिए मशीनरी सस्ती होगी, जिससे किराये की दरों में कमी आएगी।

शिवराज सिंह चौहान की घोषणाएं न केवल बॉर्डर क्षेत्रों के किसानों को पीएम-किसान योजना से जोड़ने में मददगार होंगी, बल्कि जम्मू-कश्मीर के बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देने और कृषि लागत घटाने में भी अहम साबित होंगी। आने वाले दिनों में इन फैसलों से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।

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