चंडीगढ़: हरियाणा में रबी सत्र 2026-27 के तहत गेहूं और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने किसानों के लिए आवश्यक शर्तों और पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने पंचकूला, बरवाला और रायपुररानी मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पंजीकरण के बिना नहीं होगी खरीद
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए किसानों का “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। यह पंजीकरण किसान स्वयं, भूमि स्वामी या पट्टे पर खेती करने वाला व्यक्ति कर सकता है। इसके अलावा किसान अधिकतम तीन व्यक्तियों को नामित कर सकता है, जो उसकी ओर से फसल बेच सकेंगे।
पारंपरिक साधनों से भी ला सकते हैं फसल
सरकार ने मंडी तक फसल लाने के नियमों को सरल बनाया है। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ-साथ बैलगाड़ी जैसे पारंपरिक साधनों का भी उपयोग कर सकते हैं। यदि ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं है तो पंजीकरण संख्या को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना आवश्यक होगा। मंडियों में गेट पास के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है और किसान अब चौबीसों घंटे फसल लेकर आ सकते हैं।
पहचान सत्यापन की सख्त व्यवस्था
खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पहचान सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसके तहत अंगुली छाप के माध्यम से पहचान की जाएगी। यदि इसमें किसी प्रकार की समस्या आती है तो आंख की पहचान या एकबारगी पासवर्ड के जरिए सत्यापन किया जा सकेगा। यह प्रक्रिया सीधे फसल की खरीद के समय लागू होगी।
72 घंटे में भुगतान की गारंटी
सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसानों को फसल बेचने के बाद 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है, जिससे खरीद, उठान और भुगतान में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके। सरकार ने मंडियों में सुचारू संचालन के लिए एजेंसियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी हैं। डिजिटल गेट पास प्रणाली लागू की गई है, जिससे परिवहन और मंडी प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
ये भी पढ़ें: हरियाणा की मंडियों को अब चौबीसों घंटे खोलने का आदेश, किसानों को राहत

