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हरियाणा की मंडियों को अब चौबीसों घंटे खोलने का आदेश, किसानों को राहत

Mandis of Haryana

चंडीगढ़: हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने रबी विपणन सत्र 2026-27 को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेश की मंडियों को चौबीसों घंटे खुला रखने का आदेश जारी किया है। इस फैसले का उद्देश्य किसानों की फसलों की खरीद प्रक्रिया को तेज और सुचारू बनाना है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की देरी या परेशानी का सामना न करना पड़े। अब रात के समय भी हरियाणा की मंडियों में फसल की आवक और खरीद का कार्य लगातार जारी रहेगा।

रात में भी जारी रहेगा खरीद कार्य

बोर्ड के आदेश के अनुसार मंडियों में रात के समय भी गेट पास जारी किए जाएंगे और फसल खरीद का काम बिना रुके चलता रहेगा। हाल के दिनों में मंडियों में रात के समय फसल की आवक बढ़ने के कारण यह निर्णय लिया गया है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और भीड़ का दबाव भी कम होगा।

अतिरिक्त स्टाफ रखने की अनुमति

पहले से ही हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से आंकड़ा प्रविष्टि कर्मी और चौकीदार तैनात किए गए हैं। इसके अलावा मंडी सचिवों को अपने स्तर पर अतिरिक्त स्टाफ रखने की अनुमति भी दी गई है। यह स्टाफ किसानों और उनके नामित व्यक्तियों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए लगाया जाएगा, जिससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

अतिरिक्त जनशक्ति के लिए मांगे गए प्रस्ताव

चौबीसों घंटे मंडी संचालन के फैसले के बाद अतिरिक्त जनशक्ति की आवश्यकता को देखते हुए सभी मंडी समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी जरूरत के अनुसार प्रस्ताव जिला स्तर पर तुरंत भेजें। इससे मंडियों में कार्य सुचारू रूप से चल सकेगा और किसानों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

गेहूं और सरसों की खरीद जारी

प्रदेश में इस समय गेहूं और सरसों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जारी है। मंडियों में किसान बड़ी संख्या में अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं। इस बार खरीद प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों की पहचान सुनिश्चित की जा रही है और फर्जी खरीद पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में किसी भी किसान को असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए।

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