Site icon Agriculture| Kheti| Krishi| Farm| Farmer| Agriculture| News

देशभर में बदलेगा मौसम, कई राज्यों में बारिश और लू का असर

weather update India IMD

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी और लू का प्रभाव बना रहेगा।

दक्षिण भारत में बारिश के आसार

दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और केरल सहित कई इलाकों में 14 से 17 मई के बीच तेज से भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चलने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

उत्तर भारत में आंधी और बारिश का अलर्ट

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में 11 से 15 मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश

पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। असम, मेघालय और आसपास के क्षेत्रों में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

राजस्थान और गुजरात में लू का प्रकोप

जहां एक ओर कई राज्यों में बारिश से राहत मिलेगी, वहीं राजस्थान, गुजरात और पश्चिम मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी बनी रहेगी। इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक लू चलने की संभावना है और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। रात के समय भी गर्मी का असर बना रहेगा।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा, जबकि जिन क्षेत्रों में बारिश होगी वहां गर्मी से राहत मिल सकती है। पूर्वी भारत में फिलहाल तापमान स्थिर रहने की संभावना है, लेकिन आने वाले समय में इसमें हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।

ये भी पढ़ें: गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026: किसान हितों, राज्यों के अधिकारों और अर्थव्यवस्था पर बढ़ता संकट

Exit mobile version