लखनऊ: प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। जी हाँ, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ के अमौसी स्थित आंचलिक मौसम केंद्र से मिली ताज़ा जानकारी के मुताबिक, 12 सितंबर यानी शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान उमस और गर्मी से लोग बेहाल रहेंगे, हालांकि 15 और 16 सितंबर को पूर्वी यूपी में झमाझम बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आज पूर्वी और पश्चिमी यूपी के 21 जिलों में काले बादलों की आवाजाही के बीच बारिश होगी। इनमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया और बलिया शामिल हैं। इन जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
13 और 14 सितंबर को हल्की बारिश, फिर 15–16 को भारी बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि 13 और 14 सितंबर को प्रदेश के दोनों हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि इस दौरान भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। जबकि 15 और 16 सितंबर को पूर्वी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
लखनऊ और आसपास का मौसम
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को धूप-छांव की स्थिति रहेगी। यहां हल्की बारिश की संभावना भी है। अनुमान है कि लखनऊ का अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा। वहीं दो दिन बाद बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। लखनऊ के अलावा अमेठी, रायबरेली, कानपुर, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, अयोध्या, वाराणसी, आजमगढ़, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी।
मानसून द्रोणी का असर
वैज्ञानिकों ने बताया कि मानसून द्रोणी अब उत्तर की ओर खिसक गई है, जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश के उत्तरी तराई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। वर्तमान में यह द्रोणी बरेली और बाराबंकी से होकर गुजर रही है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना निम्नदाब क्षेत्र और मध्य भारत से पश्चिमी भारत की ओर बढ़ता अवदाब भी बारिश को प्रभावित कर रहा है। अगले 5 दिनों तक यूपी के विभिन्न जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा।
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