कृषि समाचार

इन ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों ने बिक्री में बनाए नए रिकॉर्ड

These tractors created new records in sales

नई दिल्ली: भारत की प्रमुख ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों सोनालिका ट्रैक्टर्स और जॉन डियर इंडिया ने ट्रैक्टर बिक्री के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की हैं। सोनालिका ने अप्रैल से अक्टूबर 2026 के दौरान 1,21,148 ट्रैक्टरों की बिक्री दर्ज की है, जो कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी संचयी बिक्री है। वहीं, जॉन डियर इंडिया ने एक वित्त वर्ष में भारत में एक लाख से अधिक ट्रैक्टर बेचने का आंकड़ा पार कर लिया है। दोनों कंपनियों की ये उपलब्धियां देश में कृषि मशीनीकरण की बढ़ती मांग और आधुनिक कृषि उपकरणों के प्रति किसानों की रुचि को दर्शाती हैं।

सोनालिका ने अप्रैल से अक्टूबर के बीच बेचे 1.21 लाख ट्रैक्टर

सोनालिका ट्रैक्टर्स अपनी स्थापना की 30वीं वर्षगांठ मना रही है। इसी दौरान कंपनी ने अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच कुल 1,21,148 ट्रैक्टरों की बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी के मुताबिक, यह उसकी अब तक की सबसे अधिक संचयी बिक्री है। इस उपलब्धि में घरेलू बाजार की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जहां कंपनी ने रिकॉर्ड समय में एक लाख ट्रैक्टरों की बिक्री का आंकड़ा पार किया।

आधुनिक तकनीक और किसानों की जरूरतों पर जोर

सोनालिका की इस सफलता के पीछे कंपनी अपने आधुनिक विनिर्माण ढांचे, उन्नत कृषि तकनीक और किसानों की जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए ट्रैक्टरों को प्रमुख वजह मानती है। पंजाब के होशियारपुर में स्थित कंपनी का एकीकृत ट्रैक्टर विनिर्माण संयंत्र उत्पादन क्षमता और आधुनिक सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है। कंपनी का कहना है कि पारदर्शी व्यावसायिक नीतियों और किसानों को समय पर समाधान उपलब्ध कराने की रणनीति ने भी बिक्री बढ़ाने में योगदान दिया है।

गोल्ड सीरीज से कंपनी को मिल रही मजबूती

इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड के संयुक्त प्रबंध निदेशक रमन मित्तल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि 1,21,148 ट्रैक्टरों की बिक्री कंपनी की 30 साल की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। घरेलू बाजार में सबसे तेजी से एक लाख ट्रैक्टरों की बिक्री का आंकड़ा पार करना कंपनी की टीम के समर्पण और बेहतर प्रदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और किसान आधुनिक तकनीकों में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। सोनालिका की गोल्ड सीरीज जैसी आधुनिक ट्रैक्टर श्रेणियां किसानों की बदलती जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कंपनी ने आगे भी किसानों को बेहतर उत्पाद और नई तकनीक उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।

जॉन डियर इंडिया ने भी एक वित्त वर्ष में बेचे एक लाख से अधिक ट्रैक्टर

ट्रैक्टर और कृषि उपकरण निर्माता जॉन डियर इंडिया ने भी बिक्री के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के अनुसार, उसने एक वित्त वर्ष के भीतर भारत में एक लाख से अधिक ट्रैक्टरों की बिक्री की है। कंपनी ने इस उपलब्धि को भारतीय किसानों, कृषि उद्यमियों और अपने डीलर नेटवर्क के भरोसे का परिणाम बताया है। जॉन डियर का कहना है कि यह सफलता देश में कृषि मशीनीकरण के विस्तार और खेती में आधुनिक तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल को भी दर्शाती है।

किसानों के भरोसे को बताया उपलब्धि की वजह

जॉन डियर इंडिया के प्रबंध निदेशक और कंट्री मैनेजर राजेश सिन्हा ने कहा कि एक वित्त वर्ष में एक लाख से अधिक ट्रैक्टर बेचना केवल व्यावसायिक सफलता नहीं है, बल्कि यह भारतीय किसानों और कंपनी के वितरण साझेदारों के भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कंपनी भरोसेमंद कृषि उपकरणों, उन्नत तकनीक और ऐसे समाधान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनसे किसानों की उत्पादकता, लाभप्रदता और खेती की स्थिरता में सुधार हो सके।

110 से अधिक देशों में ट्रैक्टरों का निर्यात करता है जॉन डियर

जॉन डियर पिछले 28 वर्षों से अधिक समय से भारत में काम कर रहा है। कंपनी घरेलू बाजार की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ भारत से दुनिया के 110 से अधिक देशों में ट्रैक्टरों का निर्यात भी करती है। भारत में कंपनी के विनिर्माण संयंत्र पुणे और देवास में स्थित हैं। इसके अलावा पुणे और बेंगलुरु में तकनीक एवं अभियांत्रिकी से जुड़े केंद्र हैं। कंपनी के कलपुर्जा वितरण केंद्र नागपुर और इंदौर में हैं, जबकि वित्तीय सेवाओं का संचालन पुणे से किया जाता है।

मजबूत नेटवर्क को दिया सफलता का श्रेय

कंपनी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय कर्मचारियों, डीलरों, आपूर्तिकर्ताओं और व्यावसायिक साझेदारों के नेटवर्क को दिया है। कंपनी के अनुसार, बिक्री के बाद किसानों को मिलने वाली सेवा और तकनीकी सहायता भी उसके कारोबार को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।

कृषि मशीनीकरण से बढ़ रही ट्रैक्टरों की मांग

सोनालिका और जॉन डियर की बिक्री से जुड़ी ये उपलब्धियां भारतीय कृषि बाजार में ट्रैक्टरों और आधुनिक कृषि उपकरणों की बढ़ती मांग की ओर संकेत करती हैं। खेती में समय और श्रम की बचत, बड़े कृषि कार्यों को कम समय में पूरा करने तथा उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसान तेजी से मशीनीकरण अपना रहे हैं। हालांकि, ट्रैक्टरों की बिक्री में बढ़ोतरी के साथ किसानों के लिए सही क्षमता, कीमत, ईंधन खपत, रखरखाव और खेती की जरूरतों के अनुसार ट्रैक्टर चुनना भी महत्वपूर्ण है।

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