Site icon Agriculture| Kheti| Krishi| Farm| Farmer| Agriculture| News

रबी फसलों की MSP में वृद्धि, किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

13 जिलों के 8.84 लाख किसानों को 653 करोड़ रुपये की सहायता राशि

नई दिल्ली: किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने रबी फसलों की MSP में वृद्धि की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने विपणन सीजन 2026-27 के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों की MSP में वृद्धि को मंजूरी दी है।

गेहूं, चना और सरसों की MSP में वृद्धि

इस बार गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। चना 225 रुपये, मसूर 300 रुपये, रेपसीड और सरसों 250 रुपये, जौ 170 रुपये और कुसुम पर 600 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। सबसे ज्यादा इजाफा कुसुम के MSP में किया गया है, जबकि गेहूं और चना जैसी प्रमुख फसलों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

2026-27 के लिए MSP दरें

कृषि मंत्रालय के अनुसार 2026-27 में गेहूं का MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है जबकि 2025-26 में यह 2,425 रुपये था। इसी तरह जौ का MSP 2,150 रुपये, चना 5,875 रुपये, मसूर 7,000 रुपये, रेपसीड और सरसों 6,200 रुपये और कुसुम 6,540 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। MSP में यह वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 की उस घोषणा के अनुरूप है जिसमें कहा गया था कि किसानों को उनकी लागत का कम से कम डेढ़ गुना मूल्य दिया जाएगा।

किसानों को मिलेगा कितना फायदा

अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के आधार पर देखें तो गेहूं पर किसानों को 109 प्रतिशत, रेपसीड और सरसों पर 93 प्रतिशत, मसूर पर 89 प्रतिशत, चना पर 59 प्रतिशत, जौ पर 58 प्रतिशत और कुसुम पर 50 प्रतिशत का लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से किसानों को न केवल अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा बल्कि दलहन और तिलहन के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को मंजूरी

मंत्रिमंडल की बैठक में एक और बड़ा फैसला लेते हुए दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को भी मंजूरी दी गई है। यह मिशन वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक छह वर्षों के लिए चलेगा और इस पर 11,440 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि 2030-31 तक दलहन का उत्पादन बढ़ाकर 350 लाख टन तक पहुंचाया जाए। इस योजना से देशभर के करीब दो करोड़ किसानों को सीधा फायदा होगा। इसके तहत किसानों को 88 लाख मुफ्त बीज किट दिए जाएंगे और फसल कटाई के बाद नुकसान को कम करने के लिए 1,000 प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

तुअर, उड़द और मसूर की 100% खरीद

योजना के अनुसार अगले चार सालों में सरकार तुअर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी। इससे दलहनों की पैदावार बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता कम होगी। कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि MSP में यह बढ़ोतरी और दलहन मिशन, दोनों मिलकर किसानों की आय बढ़ाने, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम साबित होंगे।

ये भी पढ़ें: ICAR में बनेगी गन्ना रिसर्च टीम, मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की बड़ी घोषणाएं

Exit mobile version