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पंजाब-हरियाणा के किसान देरी से धान रोपाई के लिए चुनें ये उन्नत किस्में

Punjab Paddy Farming

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चंडीगढ़: देश के अधिकांश राज्यों में खरीफ मौसम की प्रमुख फसल धान की रोपाई शुरू हो चुकी है। पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में भी किसान तेजी से रोपाई कर रहे हैं। हालांकि, कई किसान विभिन्न कारणों से समय पर रोपाई नहीं कर पाए हैं। ऐसे किसानों के लिए कम अवधि में तैयार होने वाली पछेती धान की उन्नत किस्में बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इन किस्मों की खेती से कम समय में अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सकती है और अगली फसल की तैयारी के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है।

देरी से रोपाई के लिए उपयुक्त पांच उन्नत किस्में

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब और हरियाणा के किसान पछेती रोपाई के लिए कई उन्नत धान किस्मों का चयन कर सकते हैं।

पछेती धान की खेती में रखें इन बातों का ध्यान

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पछेती धान की खेती में सही समय पर रोपाई, संतुलित पोषण प्रबंधन और समय पर रोग नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। किसानों को बीज उपचार के बाद ही पौध तैयार करनी चाहिए, ताकि शुरुआती अवस्था में रोगों का खतरा कम हो सके। इसके अलावा खेत में आवश्यकता के अनुसार ही सिंचाई करनी चाहिए और पानी की बचत के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना चाहिए। इससे उत्पादन लागत कम होती है और जल संरक्षण में भी मदद मिलती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और जलवायु की चुनौतियों के बीच कम अवधि में तैयार होने वाली इन उन्नत धान किस्मों का चयन किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। यदि वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए और उचित प्रबंधन अपनाया जाए, तो किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।

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