लखनऊ: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण करा रही है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में आधुनिक प्रेशर सिंचाई प्रणाली से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से कम जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में भी खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
57 गांवों को मिलेगा सीधे लाभ
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जनपदों में लगभग 111.62 करोड़ रुपये की लागत से सात प्रेशर सिंचाई प्रणाली से संबंधित परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 4405 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी और करीब 57 गांवों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सिद्धार्थनगर जनपद में पड़रिया दबाव आधारित सिंचाई प्रणाली परियोजना का निर्माण किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 3.6 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली विकसित की गई है, जिससे क्षेत्र के खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में निर्माण लगभग पूरा
इस परियोजना से सिद्धार्थनगर जनपद के लगभग 454 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा का विस्तार हुआ है। इसके अलावा सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जनपद की कैम्पियरगंज शाखा पर भी दबाव आधारित सिंचाई परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद लगभग 600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी और आसपास के करीब नौ गांवों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
गोरखपुर में 690 हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा लाभ
महाराजगंज जनपद में मैहनवा, बृजमनगंज और फरेंदा रजवाहा पर भी दबाव आधारित सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से अधिकांश परियोजनाओं का कार्य लगभग पूरा होने की स्थिति में है। वहीं गोरखपुर जनपद में बैकुंठपुर रजवाहा पर लगभग 4.6 किलोमीटर लंबी दबाव आधारित सिंचाई वितरण प्रणाली विकसित की जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने पर गोरखपुर के लगभग दस गांव सीधे लाभान्वित होंगे और करीब 690 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा।
किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
दबाव आधारित सिंचाई प्रणाली के माध्यम से पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाता है। इससे किसानों को रबी और खरीफ दोनों मौसम की फसलों में बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की यह पहल कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में वृद्धि करने में भी सहायक साबित होगी।
ये भी पढ़ें: यूपी के गन्ना किसानों को मिलेंगे उन्नत बीज, समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

