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यूपी के गन्ना किसानों को मिलेंगे उन्नत बीज, समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

UP sugarcane farmers

लखनऊ: यूपी के गन्ना किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने और गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक तथा लाभकारी बनाने के उद्देश्य से गन्ना विकास विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में गन्ना विकास विभाग और राष्ट्रीय चीनी संस्थान के बीच ब्रीडर गन्ना बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य नई किस्मों के बीज की उपलब्धता बढ़ाना और उनकी शुद्धता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद और बलरामपुर चीनी मिल की हैदरगढ़ इकाई के बीच भी समझौता किया गया है। इससे गन्ना उत्पादन प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

रोगमुक्त गन्ना पौध उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

इस समझौते के तहत ऊतक संवर्धन तकनीक के माध्यम से उन्नत गन्ना किस्मों के रोगमुक्त पौध तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए प्रयोगशालाओं के माध्यम से आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रमाणित बीज उपलब्ध हो सकें।

प्रदेश के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ब्रीडर बीज उत्पादन और ऊतक संवर्धन तकनीक के उपयोग से किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज मिलेंगे, जिससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि होगी।

गन्ना खेती को मिलेगा आधुनिक तकनीक का सहारा

उन्होंने बताया कि यह पहल यूपी के गन्ना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और गन्ना खेती को अधिक प्रतिस्पर्धी तथा टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे किसान नई तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश गन्ना और चीनी मिल उद्योग की आयुक्त मिनिस्ती एस ने बताया कि इन समझौता ज्ञापनों के माध्यम से प्रदेश में गन्ना बीज उत्पादन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। राष्ट्रीय चीनी संस्थान की खाली पड़ी कृषि भूमि का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से ब्रीडर गन्ना बीज उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

किसानों और चीनी उद्योग दोनों को मिलेगा लाभ

इस पहल से प्रदेश में ब्रीडर बीज की उपलब्धता में लगभग 12 हजार क्विंटल तक वृद्धि होने की संभावना है। इसका लाभ खासतौर पर मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद और बलरामपुर चीनी मिल के सहयोग से ऊतक संवर्धन तकनीक पर काम करने वाली चीनी मिलों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण और प्रयोगशाला संचालन से संबंधित तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इससे नई गन्ना किस्मों की उपलब्धता बढ़ेगी और अधिक से अधिक किसान इन आधुनिक तकनीकों को अपनाकर लाभान्वित हो सकेंगे। यह पहल गन्ना किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश के चीनी उद्योग को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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