नई दिल्ली: मॉनसून की विदाई के बाद जैसे ही सर्दियों का मौसम आता है, बागों और खेतों में पौधों की देखभाल का तरीका बदल जाता है। बरसात के मौसम में पौधों को पर्याप्त नमी मिलती है, लेकिन सर्दियों में उनकी पानी की जरूरत कम हो जाती है। अगर इस दौरान पानी की मात्रा और समय का ध्यान न रखा जाए तो पौधे सूख सकते हैं या ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं। इसलिए किसानों और बागवानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि सर्दियों में पौधों को कब और कितना पानी देना चाहिए।
सर्दियों में पानी की मांग कम
सर्दियों में तापमान कम होने और धूप की तीव्रता घटने के कारण पौधों की पानी की मांग बरसात के मौसम के मुकाबले काफी कम हो जाती है। हालांकि, सही समय पर सिंचाई करना महत्वपूर्ण है क्योंकि पानी की कमी और अधिक पानी दोनों ही पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। पौधों की जड़ों तक पानी पहुँचाना बेहद जरूरी है, इसलिए हल्की छिड़काई की बजाय गहरी सिंचाई करना चाहिए। मिट्टी की नमी की नियमित जांच करना भी आवश्यक है। मिट्टी सूखी हो तो पानी देना चाहिए, और लगातार गीली मिट्टी होने पर सिंचाई कम करनी चाहिए।
सुबह का समय सबसे उपयुक्त
सर्दियों में पौधों को पानी देने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है। सुबह का तापमान अपेक्षाकृत अधिक होता है और दिनभर पौधे पानी का उपयोग कर पाते हैं। रात के समय पानी देने से ठंडी हवाओं और उच्च नमी के कारण जड़ों में फफूंदी और रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है। मल्चिंग, यानी पौधों के आसपास सूखी पत्तियां, घास या भूसा बिछाना, मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है और बार-बार पानी देने की जरूरत कम कर देता है।
पौधों की जरूरत के अनुसार सिंचाई
सर्दियों में पानी की मांग कम होती है, लेकिन मिट्टी और पौधों की किस्म के अनुसार सिंचाई की मात्रा तय करनी चाहिए। सामान्यतः सप्ताह में एक से दो बार पानी देना पर्याप्त होता है। मिट्टी का प्रकार भी महत्वपूर्ण होता है; रेतीली मिट्टी जल्दी सूखती है, जबकि चिकनी मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है। गमलों में लगे पौधे बगीचे के पौधों की तुलना में जल्दी सूखते हैं, इसलिए इन्हें थोड़ी जल्दी और ध्यानपूर्वक पानी देना पड़ता है। रोजाना पानी देने की आदत से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जड़ों में सड़न और पौधों में रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
पत्तियों से पहचानें पानी की जरूरत
पौधों की पत्तियां उनकी पानी की जरूरत का सबसे अच्छा संकेत देती हैं। मुरझाई हुई पत्तियां पानी की कमी का संकेत देती हैं, जबकि लगातार गीली मिट्टी और पानी में डूबती पत्तियां अधिक पानी देने का संकेत हैं। सर्दियों में हल्की छिड़काई की बजाय गहरी सिंचाई करनी चाहिए ताकि पानी जड़ों तक पहुंचे और पौधे मजबूत रहें। गहरी सिंचाई से पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और वे ठंड और मौसम की मार झेलने में सक्षम रहते हैं।
अतिरिक्त टिप्स किसानों और बागवानों के लिए
सर्दियों में पौधों की देखभाल में सबसे महत्वपूर्ण है सही समय और सही मात्रा में पानी देना। सुबह की गहरी सिंचाई, मिट्टी की नमी पर नजर रखना, मल्चिंग और पौधों की पत्तियों के संकेतों को समझना किसानों और बागवानों के लिए बेहद जरूरी है। इन उपायों को अपनाकर पौधे स्वस्थ, मजबूत और सर्दियों में भी सुरक्षित रह सकते हैं।
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