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एमपी में भावांतर योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 10 से 26 अक्टूबर तक

सोयाबीन के लिए भावांतर योजना

भोपाल: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि सोयाबीन फसल के लिए एमपी में भावांतर योजना लागू की जाएगी। अब सरकार ने इसके रजिस्ट्रेशन की तारीख भी घोषित कर दी है। किसानों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए 10 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 के बीच रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

किसानों को मिलेगा एमएसपी का लाभ

भावांतर योजना के तहत किसान अपनी उपज मंडी में बेचेंगे। यदि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम मिलता है तो उस अंतर की भरपाई सरकार करेगी। केंद्र सरकार ने इस साल सोयाबीन के लिए 5,328 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी तय किया है, जबकि पिछले साल यह 4,892 रुपये प्रति क्विंटल था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “हम जो कहते हैं, वो करते हैं। सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान देना हमारी प्राथमिकता है।”

किसानों के लिए सहारा बनेगी योजना

सीएम ने आगे कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना सोयाबीन उत्पादकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। इससे किसानों को न केवल आर्थिक सुरक्षा मिलेगी बल्कि उनकी मेहनत का उचित मूल्य भी सुनिश्चित होगा।

सोयाबीन की खेती में गिरावट

पिछले साल मध्य प्रदेश देश का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य रहा था। इसके बाद महाराष्ट्र और राजस्थान का स्थान आता है। लेकिन, किसानों को लगातार एमएसपी से 20-30 प्रतिशत कम दाम मिलने के कारण इस साल सोयाबीन की बुवाई के रकबे में कमी दर्ज की गई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, 26 सितंबर 2025 तक देशभर में 120.45 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई हुई है। यह आंकड़ा पिछले साल समान अवधि में 129.55 लाख हेक्टेयर था, यानी करीब 9.10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

किसानों की उम्मीदें सरकार से

किसान संगठनों का मानना है कि यदि भावांतर योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो किसानों का विश्वास बढ़ेगा और आने वाले सीजन में सोयाबीन की बुवाई में फिर से तेजी देखी जा सकती है। वहीं, यह कदम किसानों को मंडियों में बेहतर दाम दिलाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से स्थिर बनाने में भी सहायक साबित होगा।

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