नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026: देशभर में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा असम-मेघालय सहित कई क्षेत्रों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का संकेत दिया है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक तीव्र वर्षा भी हो सकती है। वहीं, पश्चिमी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले सात दिनों तक वर्षा की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है।
उत्तर भारत में तेज होगी मॉनसून की रफ्तार
मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर भारत में वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
पर्वतीय राज्यों में भारी वर्षा का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक तीव्र वर्षा की संभावना जताई गई है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका भी बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी तेज बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में कई जिलों में अच्छी वर्षा होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। बिहार में भी कई क्षेत्रों में तेज वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बदलेगा मौसम
राजधानी दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। हवा की गति तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में रहेगा वर्षा का प्रभाव
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अगले कुछ दिनों तक वर्षा जारी रहने का अनुमान है। झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
असम और मेघालय में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी
पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। असम और मेघालय में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार वर्षा का दौर जारी रह सकता है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना भी बनी हुई है।
मध्य भारत में भी जारी रहेगा वर्षा का दौर
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कई हिस्सों में आगामी दिनों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा का अनुमान है, जबकि पूर्वी हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।
पश्चिमी भारत में बढ़ेगी वर्षा की गतिविधि
कोंकण, गोवा और गुजरात के कई क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। मध्य महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में भी अच्छी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत में अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा मॉनसून
दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले सात दिनों तक वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। हालांकि, तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
किसानों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेती से जुड़े सभी कार्य मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर करें। जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है वहां जलभराव, भूस्खलन और बिजली गिरने जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए सतर्क रहें। आने वाले दिनों में उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में मॉनसून का प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है।
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