लखनऊ, 03 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त आदर्श पशु चिकित्सालय स्थापित किए जाएंगे। इन अस्पतालों में सामान्य उपचार से लेकर जटिल शल्य चिकित्सा तक की सभी प्रमुख सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इस योजना से लाखों पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।
पशुओं को मिलेंगी आधुनिक उपचार की सभी सुविधाएं
नई व्यवस्था के तहत स्थापित किए जाने वाले आदर्श पशु चिकित्सालयों में आधुनिक उपचार के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पतालों में डायलिसिस, डिजिटल एक्स-रे, आधुनिक शल्य कक्ष, आंखों की शल्य चिकित्सा, हड्डी टूटने की स्थिति में शल्य चिकित्सा तथा गंभीर रूप से बीमार पशुओं को भर्ती कर उपचार देने की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही उपचार के दौरान पशुओं के भोजन, देखभाल और स्वास्थ्य सुधार की संपूर्ण व्यवस्था भी अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार प्रत्येक आदर्श पशु चिकित्सालय के निर्माण और विकास पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करेगी।
पहली बार विधानसभा स्तर तक पहुंचेगी आधुनिक पशु चिकित्सा
पशुधन और दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार इतनी व्यापक स्तर की योजना लागू की जा रही है। अब तक गंभीर बीमारियों या जटिल शल्य चिकित्सा के लिए पशुपालकों को बड़े शहरों अथवा चुनिंदा संस्थानों का रुख करना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकांश आधुनिक उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो जाएंगे।
प्रत्येक जिले में मजबूत होगा पशु स्वास्थ्य ढांचा
योजना के अंतर्गत सभी जिलों में आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित पशु चिकित्सालय विकसित किए जाएंगे। अस्पतालों में डायलिसिस इकाई, डिजिटल एक्स-रे, शल्य कक्ष, स्वास्थ्य सुधार वार्ड और भर्ती वार्ड की व्यवस्था होगी। आंखों की बीमारियों का उपचार और शल्य चिकित्सा भी यहीं की जाएगी, जबकि दुर्घटना अथवा हड्डी टूटने जैसी गंभीर स्थितियों में भी पशुओं का उपचार संभव होगा।
उपचार की होगी चौबीसों घंटे निगरानी
सरकार ने अस्पतालों में भर्ती होने वाले पशुओं के लिए संतुलित भोजन, स्वच्छ वातावरण और चौबीसों घंटे चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने की योजना बनाई है। उपचार की पूरी प्रक्रिया निगरानी व्यवस्था के अंतर्गत संचालित होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पशुपालकों का विश्वास भी मजबूत होगा। उपचार की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
ग्रामीण पशुपालकों को मिलेगा बड़ा लाभ
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना का विस्तार जिला स्तर से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को लंबी दूरी तय किए बिना आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आदर्श पशु चिकित्सालय पर तीन करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसमें लगभग 2.55 करोड़ रुपये भवन निर्माण पर तथा लगभग 50 लाख रुपये उपकरण, फर्नीचर, सौर ऊर्जा प्रणाली और अन्य आवश्यक संसाधनों पर व्यय किए जाएंगे।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की होगी तैनाती
सरकार अस्पतालों में केवल आधुनिक भवन और उपकरण ही उपलब्ध नहीं कराएगी, बल्कि बड़ी संख्या में विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों और प्रशिक्षित सहायक कर्मियों की भी नियुक्ति की जाएगी। इन कर्मियों को आधुनिक उपकरणों के संचालन, आपातकालीन उपचार, शल्य चिकित्सा में सहयोग तथा पशुओं की देखभाल का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उपचार की गुणवत्ता और अधिक बेहतर हो सके।
डेयरी और पशुधन क्षेत्र को मिलेगा नया बल
सरकार का मानना है कि पशुपालन प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। लाखों परिवार दुग्ध उत्पादन, डेयरी, बकरी पालन और अन्य पशुधन आधारित गतिविधियों से अपनी आजीविका चलाते हैं। समय पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से पशुओं की मृत्यु दर में कमी आएगी, उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और पशुपालकों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि होगी। इस पहल से प्रदेश के डेयरी और पशुधन क्षेत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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