पटना, 03 अगस्त 2026: बिहार सरकार ने राज्य में दलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और कृषि आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापना योजना संचालित की है। इस योजना के तहत सीमित पूंजी वाले उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठनों और अन्य पात्र संस्थाओं को नई दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का लगभग 33 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। फिलहाल राज्य के 10 जिलों के पात्र लाभार्थियों से 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह योजना दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत लागू की जा रही है।
दाल प्रसंस्करण इकाई पर मिलेगा आकर्षक अनुदान
योजना के तहत सरकार नई दाल मिल स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इस सहायता का उपयोग प्लांट एवं मशीनरी, भवन निर्माण, गोदाम तथा भंडारण ढांचा विकसित करने में किया जा सकेगा। हालांकि भूमि खरीद, बिजली कनेक्शन, मानव संसाधन और अन्य संचालन संबंधी खर्चों पर कोई अनुदान नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा भवन और भंडारण ढांचे पर मिलने वाला अनुदान कुल पात्र अनुदान राशि के अधिकतम 30 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा।
किन आवेदकों को मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना के लिए किसान उत्पादक संगठन, सामुदायिक स्तर के समूह, प्राथमिक कृषि ऋण समितियां, उद्यमी, व्यक्तिगत आवेदक तथा अन्य पंजीकृत संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं। यदि कोई किसान उत्पादक संगठन, सामुदायिक स्तर का समूह या प्राथमिक कृषि ऋण समिति आवेदन करती है, तो उसका कम से कम दो वर्ष से पंजीकृत और सक्रिय होना आवश्यक है। वहीं व्यक्तिगत आवेदक की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
आवेदन से पहले इन शर्तों का रखें ध्यान
योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए परियोजना लागत का न्यूनतम 15 प्रतिशत स्वयं निवेश करना होगा। साथ ही बैंक ऋण की स्वीकृति या सहमति भी अनिवार्य होगी। नई दाल प्रसंस्करण इकाई की न्यूनतम क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा निर्धारित की गई है। इकाई में मानक अनुरूप मशीनरी का उपयोग करना होगा तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी आवश्यक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा लाभार्थी को परियोजना का संचालन और रखरखाव कम से कम तीन वर्षों तक करना होगा।
इन 10 जिलों के लोगों को मिलेगा लाभ
फिलहाल योजना का लाभ राज्य के 10 जिलों के पात्र आवेदकों को दिया जाएगा। इनमें पटना, नालंदा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, सुपौल, भागलपुर, सीतामढ़ी, जहानाबाद और गया शामिल हैं। सरकार की ओर से स्वीकृत अनुदान राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को परियोजना प्रतिवेदन, बैंक ऋण स्वीकृति अथवा सहमति पत्र, आधार विवरण, बैंक खाते की जानकारी तथा संस्थागत आवेदकों को पंजीकरण प्रमाणपत्र सहित आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने होंगे। सरकार ने इच्छुक लाभार्थियों से अपील की है कि वे 31 अगस्त की अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि योजना का लाभ समय पर प्राप्त किया जा सके और राज्य में दलहन प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन को नई गति मिल सके।
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