भोपाल: दूध उत्पादन के क्षेत्र में भारत लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। देश आज विश्व के कुल दूध उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत उत्पादन करता है और पिछले तीन दशकों से इस क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। डेयरी विशेषज्ञों के अनुसार देश में हर वर्ष 5 से 6 प्रतिशत की दर से दूध उत्पादन में वृद्धि हो रही है, जो इस क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है।
पांच राज्यों का आधे से अधिक उत्पादन में योगदान
देश के कुल दूध उत्पादन का लगभग 54 प्रतिशत हिस्सा केवल पांच राज्यों से आता है, जिनमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश प्रमुख हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश इस सूची में तीसरे स्थान पर है, लेकिन राज्य अब पहले स्थान पर पहुंचने के लिए तेजी से प्रयास कर रहा है।
डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने की नई पहल
मध्य प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने डेयरी विकास को गति देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ समझौता किया है। इसके साथ ही विक्रम विश्वविद्यालय में डेयरी प्रौद्योगिकी का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होंगे।
आधुनिक तकनीक और नवाचार पर जोर
डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए आयोजित कार्यक्रमों में विशेषज्ञों द्वारा उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने, चारा प्रबंधन सुधारने और आधुनिक डेयरी तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटलीकरण, विपणन रणनीतियों और गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
मध्य प्रदेश की मजबूत स्थिति
मध्य प्रदेश वर्तमान में देश के कुल दूध उत्पादन में 9.12 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है। पशुधन के मामले में भी राज्य मजबूत स्थिति में है, जहां मवेशियों और भैंसों की बड़ी संख्या मौजूद है। यही कारण है कि राज्य भविष्य में दूध उत्पादन में देश का अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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