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महाराष्ट्र के पशुपालकों को मिलेंगी उच्च नस्ल की गाय-भैंस, चारा और प्रशिक्षण

महाराष्ट्र के पशुपालकों

मुंबई: महाराष्ट्र के पशुपालकों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की मदद से राज्य के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक नई योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत पशुपालकों को उच्च नस्ल की गाय-भैंसें, गुणवत्तापूर्ण चारा, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण जैसी कई सुविधाएं दी जाएंगी।

NDDB और मदर डेयरी मिलकर बढ़ाएंगे डेयरी सेक्टर की रफ्तार

यह निर्णय हाल ही में नई दिल्ली में हुई एक बैठक में लिया गया, जिसमें केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पर्यावरण एवं पशुपालन राज्य मंत्री पंकजा मुंडे मौजूद थीं। दोनों नेताओं ने राष्ट्रीय डेयरी विकास परियोजना (NDDP) के दूसरे चरण के उद्घाटन के मौके पर इस योजना की शुरुआत करने का फैसला किया है। इस योजना का लाभ विदर्भ के 11 जिलों और मराठवाड़ा के आठ जिलों के पशुपालकों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।

आत्महत्या प्रभावित इलाकों के लिए नई उम्मीद

सरकार ने विशेष रूप से उन इलाकों को चुना है जहां किसानों की आत्महत्या की घटनाएं अधिक हैं। इन क्षेत्रों में पशुपालकों को सालभर चारा उत्पादन के लिए सब्सिडी दी जाएगी, साथ ही इलेक्ट्रिक चारा काटने वाली मशीनें और साइलेज यूनिट्स का वितरण किया जाएगा। योजना के तहत किसानों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन और दूध उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

सरकार का मानना है कि डेयरी व्यवसाय से इन इलाकों में कृषि संकट को दूर करने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी। इसके लिए किसानों को अधिक दूध देने वाली उच्च नस्ल की गायें और भैंसें दी जाएंगी। साथ ही दूध में वसा और एसएनएफ (Solids-Not-Fat) की मात्रा बढ़ाने के लिए विशेष एनिमल ब्रीडिंग सप्लीमेंट्स और डाइट एडिटिव्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

मराठवाड़ा में कृत्रिम गर्भाधान परियोजना का विस्तार

केंद्रीय पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) की राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) के तहत मराठवाड़ा क्षेत्र में कृत्रिम गर्भाधान (AI) सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 273 AI केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक पारंपरिक वीर्य से दो लाख कृत्रिम गर्भाधान (AI) और Sex Sorted Semen से 12,024 AI किए जा चुके हैं। इन प्रयासों से अब तक 20,979 आनुवंशिक रूप से बेहतर बछड़ों का जन्म हो चुका है।

मदर डेयरी करेगी दूध संग्रह और प्रोसेसिंग

NDDB की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी मदर डेयरी फ्रूट एंड वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड (MDFVPL) नांदेड़ जिले के 247 गांवों में दूध संग्रह और प्रोसेसिंग का कार्य करेगी। इसके लिए क्षेत्र में 187 दूध पूलिंग पॉइंट्स, 15 बल्क मिल्क कूलर और एक मिल्क चिलिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं।

राज्य सरकार का डेयरी विस्तार अभियान

महाराष्ट्र सरकार ने डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान “दुधारू पशु आपूर्ति योजना” को लागू किया है। इस योजना के तहत केंद्र और राज्य मिलकर पशु रोगों के टीकाकरण अभियान भी चला रहे हैं, ताकि पशुधन की सेहत सुरक्षित रहे और उत्पादन प्रभावित न हो।

किसानों के लिए डेयरी बन सकती है स्थायी आय का साधन

सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से किसानों की आय में लंबी अवधि तक स्थायी वृद्धि होगी। उच्च नस्ल के पशुओं, पर्याप्त चारा और प्रशिक्षण से दूध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को लाभकारी मूल्य मिलेगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर दूध प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

NDDB और मदर डेयरी के सहयोग से शुरू की गई यह योजना महाराष्ट्र के पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो सकती है। यह न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाएगी बल्कि आत्महत्या प्रभावित इलाकों में आर्थिक स्थिरता और सामाजिक बदलाव लाने में भी मदद करेगी।

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