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महाराष्ट्र फसल ऋण माफी योजना: इन किसानों को मिलेगा लाभ

Maharashtra Crop Loan Waiver Scheme

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार (6 मार्च) को पेश किए गए 2026-27 के बजट में किसानों के लिए बड़ा राहत पैकेज घोषित किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 30 सितंबर 2025 तक बकाया रखने वाले किसानों को दो लाख रुपये तक के फसल ऋण की माफी दी जाएगी। महाराष्ट्र फसल ऋण माफी योजना की घोषणा के बाद राज्य के किसानों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि उन्हें यह लाभ किस योजना के तहत और किस प्रक्रिया से मिलेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना के तहत लागू की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य कर्ज के बोझ से दबे किसानों को राहत देना और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक संकट को कम करना है। यह फैसला राज्य में हुए चुनावों के दौरान किए गए वादों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

दो लाख रुपये तक के कर्ज की पूरी माफी

इस योजना के तहत जिन किसानों पर दो लाख रुपये तक का फसल ऋण बकाया है, उन्हें पूरी तरह कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा। वहीं, जिन किसानों ने समय पर अपना ऋण चुका दिया है, उन्हें प्रोत्साहन के तौर पर 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

सिंचाई पंप के बिजली बिल भी होंगे माफ

राज्य सरकार ने किसानों की खेती लागत कम करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। बजट में 7.5 हॉर्सपावर तक के सिंचाई पंप इस्तेमाल करने वाले किसानों के बिजली बिल माफ करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य खेती की लागत कम करना और ग्रामीण परिवारों पर आर्थिक दबाव घटाना है।

कृषि निर्यात के लिए बनेगा डिजिटल मंच

सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने के लिए कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की भी योजना बना रही है। इसके लिए एक डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से किसानों को अपनी उपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे कृषि उत्पादों के निर्यात के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

राज्य सरकार आने वाले वर्षों में प्राकृतिक खेती मिशन लागू करने की योजना भी बना रही है। इस मिशन के जरिए टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम किया जाएगा।

खेत मजदूरों के लिए दुर्घटना सहायता

बजट में खेत मजदूरों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। उन्हें गोपीनाथ मुंडे दुर्घटना अनुदान योजना के दायरे में लाया जाएगा, जिससे खेती से जुड़े मजदूरों को दुर्घटना होने पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी। सरकार ने कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए बजट में 7.69 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस बजट में ग्रामीण राहत, बुनियादी ढांचे के विकास और दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति पर विशेष जोर दिया गया है।

हालांकि कुछ किसान संगठनों का कहना है कि केवल कर्जमाफी से खेती से जुड़ी मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनका मानना है कि बढ़ती लागत और फसलों की अस्थिर कीमतों जैसी समस्याओं के लिए दीर्घकालिक नीतियों की भी जरूरत है। राज्य सरकार जल्द ही इस योजना की पात्रता शर्तों और लागू करने की समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी जारी कर सकती है।

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