हरियाणा के सोनीपत में किसान आंदोलन ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। किसानों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ ट्रैक्टर मार्च सोनीपत में निकालकर प्रशासन और सरकार को कड़ी चेतावनी दी। यह विरोध शुगर मिल की मरम्मत में हो रही देरी और मिल के प्रबंध निदेशक (MD) की स्थाई नियुक्ति की मांग को लेकर किया गया। ऐसे में, किसानों का ट्रैक्टर मार्च काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शुगर मिल मरम्मत में देरी से किसानों की चिंता
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि शुगर मिल की मरम्मत के लिए जिस कंपनी को टेंडर दिया गया था, उससे टेंडर वापस ले लिया गया और कोर्ट से स्टे ले लिया गया। इसके चलते शुगर मिल मरम्मत देरी का मामला अधर में लटक गया है। किसानों का आरोप है कि वे इस मुद्दे पर अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान सामने नहीं आया।
किसानों का ट्रैक्टर मार्च
सोनीपत की सड़कों पर किसानों का हुजूम ट्रैक्टरों के साथ उतरा। किसानों ने अपने ट्रैक्टरों पर गन्ना लादकर जाहरी चौक से लेकर शहर के मुख्य मार्गों तक मार्च निकाला। किसानों ने कहा कि जिस तरह दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ ट्रैक्टर की ताकत दिखाई थी, वैसा ही नजारा अब ट्रैक्टर मार्च सोनीपत में देखने को मिला।
सरकार को अल्टीमेटम
किसानों का कहना है कि अगर जल्द उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे पूरे सोनीपत में चक्का जाम कर देंगे। हरियाणा गन्ना सीजन शुरू होने वाला है और अगर शुगर मिल समय पर दुरुस्त नहीं हुई, तो उनका उत्पादन बेकार चला जाएगा। किसानों ने मुख्यमंत्री से मिलने की अपील की और साफ कहा कि अगर समाधान नहीं निकला तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ेंगे।
किसानों की मुख्य मांगें
- शुगर मिल की मरम्मत कार्य में हो रही देरी को तत्काल खत्म किया जाए।
- टेंडर प्रक्रिया को दोबारा चालू किया जाए।
- शुगर मिल के एमडी की स्थाई नियुक्ति की जाए।
- कोर्ट के स्टे को हटाने के लिए सरकार कार्रवाई करे।
सोनीपत किसान विरोध की अहमियत
किसान विरोध हरियाणा में कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी किसान इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर चुके हैं। उनका कहना है कि अगर पेराई सीजन शुरू होने से पहले मिलों की मरम्मत पूरी नहीं हुई, तो इससे काम प्रभावित होगा और उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। इसीलिए सरकार को समय रहते कदम उठाना होगा।
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