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काला नमक चावल बना किसानों और सेहत दोनों के लिए वरदान

Kala Namak Rice

सिद्धार्थनगर: भारत में धान की अनेक पारंपरिक किस्में उगाई जाती हैं, लेकिन काला नमक चावल अपनी अनूठी खुशबू, स्वाद और पौष्टिक गुणों के कारण विशेष पहचान रखता है। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर क्षेत्र से जुड़ी यह पारंपरिक धान किस्म लंबे समय से किसानों और उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय रही है। इसे कई स्थानों पर भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में भी जाना जाता है। पोषण से भरपूर होने के कारण इसकी मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि काला नमक चावल केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य लाभों और किसानों को मिलने वाली बेहतर कीमत के कारण भी महत्वपूर्ण फसल बनता जा रहा है।

सामान्य चावल की तुलना में अधिक पौष्टिक

कृषि विशेषज्ञ डॉ. राम चेत चौधरी के अनुसार सामान्य चावल की तुलना में काला नमक चावल में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। जहां सामान्य चावल में लगभग पांच से छह प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है, वहीं काला नमक चावल में इसकी मात्रा लगभग दस से ग्यारह प्रतिशत तक बताई जाती है। अधिक प्रोटीन होने के कारण यह शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करने में सहायक माना जाता है और संतुलित आहार का बेहतर विकल्प बन सकता है।

मधुमेह और वजन नियंत्रण में हो सकता है लाभकारी

काला नमक चावल में पर्याप्त मात्रा में रेशा पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। रेशा लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराता है, जिससे बार-बार भूख लगने की संभावना कम हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका ग्लाइसेमिक सूचकांक सामान्य सफेद चावल की तुलना में कम माना जाता है। ऐसे में सीमित मात्रा में इसका सेवन मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि किसी भी विशेष आहार को अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।

खून बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता में सहायक

काला नमक चावल में आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके नियमित और संतुलित सेवन से शरीर में खून की कमी दूर करने में सहायता मिल सकती है। इसके अलावा इसमें मौजूद विभिन्न पोषक तत्व और प्रतिऑक्सीकारक गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में भी सहायक माने जाते हैं।

आंखों और त्वचा के लिए भी उपयोगी

विशेषज्ञों का कहना है कि काला नमक चावल में कई आवश्यक विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। इसमें मौजूद प्रतिऑक्सीकारक तत्व त्वचा को स्वस्थ रखने और बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्व आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी उपयोगी माने जाते हैं।

किसानों के लिए बढ़ रहा लाभ का अवसर

काला नमक चावल की बढ़ती मांग किसानों के लिए भी नई संभावनाएं लेकर आई है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण इस पारंपरिक धान किस्म की मांग लगातार बढ़ रही है। इसकी विशेष खुशबू, स्वाद और पौष्टिक गुणों के कारण बाजार में इसकी कीमत सामान्य चावल की तुलना में अधिक मिलती है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती करें और गुणवत्ता बनाए रखें, तो उन्हें बेहतर आय प्राप्त हो सकती है। काला नमक चावल भारतीय कृषि विरासत की एक महत्वपूर्ण धरोहर है, जो एक ओर लोगों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए अधिक आमदनी का माध्यम भी बनता जा रहा है।

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