नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है और कुछ क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति बनने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार 10 मार्च को हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में लू या भीषण गर्म हवाएं चल सकती हैं। वहीं राजस्थान, गुजरात और विदर्भ क्षेत्र में 11 मार्च तक गर्म हवाओं का असर बने रहने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में गरज-चमक, तेज हवाओं, ओलावृष्टि के साथ बारिश और बर्फबारी की संभावना है। 10 और 11 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में भारी वर्षा या बर्फबारी भी हो सकती है।
कई क्षेत्रों में 40 डिग्री के आसपास पहुंचा तापमान
बीते दिन देश के कई हिस्सों में तापमान काफी अधिक दर्ज किया गया। मराठवाड़ा, पश्चिम राजस्थान और विदर्भ के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अकोला में सबसे अधिक 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में तापमान सामान्य से पांच डिग्री से अधिक ऊपर दर्ज किया गया, जिससे लोगों को मार्च की शुरुआत में ही तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों में बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 10 मार्च को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां जारी रहेंगी। 12 मार्च तक इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और बर्फबारी होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं जिनकी रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
पूर्वी भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम
पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय बना रहेगा। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 से 11 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 14 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ेगा पारा
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रह सकता है। 10 मार्च को राजधानी में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। इस दिन अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 11 मार्च को तापमान और बढ़ने की संभावना है और अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 12 मार्च को भी मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है और अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राजधानी में गर्मी सामान्य से अधिक महसूस की जा सकती है।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान ऊंचा
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों जैसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में अगले तीन दिनों तक तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री तक अधिक बना रह सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तापमान अगले कुछ दिनों तक ऊंचा बना रहेगा। वहीं महाराष्ट्र में भी अगले तीन दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री तक बढ़ने की संभावना है, जिसके बाद हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह
बढ़ते तापमान का असर खेतों की फसलों पर भी पड़ सकता है। अधिक गर्मी के कारण मिट्टी में नमी की कमी और फसलों के जल्दी पकने की समस्या सामने आ सकती है। ऐसे में गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों में समय-समय पर हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है। अत्यधिक गर्मी के कारण गेहूं की फसल में दाने भरने की अवधि कम हो सकती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है। वहीं सब्जियों और बागवानी फसलों में फूल झड़ने और फल झुलसने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को भी अपने पशुओं का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। पशुओं को पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराना और उन्हें धूप से बचाकर रखना जरूरी बताया गया है। पोल्ट्री पालन करने वाले किसानों को शेड के तापमान को कम रखने के लिए छत पर घास या अन्य ढकाव का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
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