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रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन से मजबूत हुई देश की कृषि स्थिति

food grain production

नई दिल्ली: भारत में कृषि क्षेत्र ने एक बार फिर नई ऊंचाइयों को छूते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 3765.63 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 3577.32 लाख टन के मुकाबले करीब 188 लाख टन अधिक है। यह वृद्धि लगभग 5.3 प्रतिशत की है और अब तक का सबसे अधिक उत्पादन माना जा रहा है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को बधाई देते हुए इसे किसान केंद्रित नीतियों और आधुनिक खेती के तरीकों का परिणाम बताया है।

प्रमुख फसलों में ऐतिहासिक उत्पादन

फसलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कई प्रमुख अनाजों में रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। चावल का उत्पादन 1540.24 लाख टन, गेहूं 1206.57 लाख टन और मक्का 550.93 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है। खासतौर पर मक्का उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो देश की कृषि प्रगति को दर्शाता है।

दलहन और मोटे अनाज में भी सुधार

दलहन फसलों के उत्पादन में भी सकारात्मक बढ़त देखने को मिल रही है। चना का उत्पादन 125.14 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 14 लाख टन अधिक है। इसके अलावा तूर 35.92 लाख टन और मसूर 17.62 लाख टन तक पहुंचने की संभावना है। पोषक अनाज और मोटे अनाज का उत्पादन भी बढ़कर 175.84 लाख टन और कुल मोटे अनाज 744.72 लाख टन रहने का अनुमान है।

तिलहन उत्पादन में मजबूती

तिलहन क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है। कुल तिलहन उत्पादन 430.59 लाख टन रहने का अनुमान है। मूंगफली 130.74 लाख टन और सरसों-रेपसीड 137.68 लाख टन के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं, जबकि सोयाबीन का उत्पादन 125.96 लाख टन रहने की संभावना है।

व्यावसायिक फसलों में भी वृद्धि

व्यावसायिक फसलों के उत्पादन में भी तेजी आई है। गन्ना उत्पादन 5000.63 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा कपास 290.24 लाख गांठें और जूट 91.76 लाख गांठें रहने की संभावना जताई गई है।

उत्पादन बढ़ने के प्रमुख कारण

कृषि उत्पादन में इस बढ़ोतरी के पीछे कई अहम कारण बताए गए हैं। बेहतर बीजों का उपयोग, कृषि अनुसंधान में प्रगति, जलवायु के अनुसार विकसित किस्में, वैज्ञानिक खेती के तरीके और नई तकनीकों का इस्तेमाल इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। किसानों तक आधुनिक जानकारी का तेजी से प्रसार भी इस सफलता का एक बड़ा कारण है। वर्ष 2025-26 के दौरान देश के विभिन्न कृषि क्षेत्रों के लिए 339 नई फसल किस्में जारी की गईं। वहीं ब्रीडर बीज उत्पादन 109370.2 क्विंटल और गुणवत्ता युक्त बीज उत्पादन 433114.7 क्विंटल तक पहुंच गया है। मिट्टी और जल प्रबंधन, जलवायु अनुकूल खेती और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

तकनीक और अनुसंधान पर सरकार का जोर

सरकार कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए निवेश, अनुसंधान और तकनीक पर लगातार ध्यान दे रही है। बढ़ते उत्पादन के साथ देश खाद्य सुरक्षा के मामले में और अधिक मजबूत स्थिति में पहुंच रहा है, जिससे किसानों की आय बढ़ने और कृषि क्षेत्र के सतत विकास को भी बल मिल रहा है।

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