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किसान नेता डल्लेवाल फिर मैदान में, कन्याकुमारी से कश्मीर तक होगी यात्रा

Farmer leader Dallewal

चंडीगढ़: लगातार 132 दिनों तक भूख हड़ताल कर देशभर में किसानों के आइकन बने किसान नेता डल्लेवाल ने एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी कर ली है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेता डल्लेवाल की अगुवाई में अब किसान सड़क पर उतरने जा रहे हैं। इस बार आंदोलन का स्वरूप देशव्यापी होगा, जिसमें कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो किसान यात्रा’ निकाली जाएगी। जगजीत सिंह डल्लेवाल की इस यात्रा के लिए देशभर से किसानों की मांगों को एकत्र करने का अभियान भी शुरू कर दिया गया है।

बल्लो गांव से शुरू हुआ अभियान

इस अभियान की शुरुआत पंजाब के बल्लो गांव से की गई है। यह वही गांव है जहां के किसान शुभकरण की फरवरी 2024 में किसान आंदोलन के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी। किसान शुभकरण के गांव से यात्रा की शुरुआत कर किसानों ने सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की है कि आंदोलन की जड़ें जमीनी मुद्दों और शहादतों से जुड़ी हैं।

7 फरवरी से 19 मार्च तक का रोडमैप

किसान संगठनों के अनुसार भारत जोड़ो किसान यात्रा की शुरुआत 7 फरवरी को कन्याकुमारी से होगी, जो देश के विभिन्न राज्यों से होते हुए कश्मीर तक जाएगी। इसके बाद यात्रा का समापन 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल किसान सभा के साथ किया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग राज्यों की पंचायतों से प्रस्ताव पास कराए जाएंगे और किसानों की मांगों का राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाया जाएगा।

क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें

दिल्ली में हाल ही में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सीड बिल में ऐसे प्रावधान हैं, जिससे भारतीय किसान विदेशी कंपनियों के बीजों पर निर्भर हो जाएंगे। इससे जीएम फसलों का रास्ता खुलेगा और देश के पारंपरिक बीज व स्थानीय बीज बाजार पूरी तरह चौपट हो जाएंगे।
इसके अलावा किसान इस यात्रा के जरिए लीगल एमएसपी गारंटी कानून लागू करने और भारत को विश्व व्यापार संगठन (WTO) से बाहर निकालने की मांग को भी मजबूती से उठाएंगे।

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

डल्लेवाल ने याद दिलाया कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर 132 दिन तक भूख हड़ताल की थी। इसके बाद सरकार ने अगस्त 2025 में लिखित रूप से वादा किया था कि 10 दिनों के भीतर किसानों के साथ बैठक की जाएगी, लेकिन अब तक कोई बैठक नहीं हुई। उन्होंने सरकार पर बातचीत से भागने और किसानों के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया।

पूरी तरह गैर राजनीतिक और शांतिपूर्ण यात्रा

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने साफ किया है कि भारत जोड़ो किसान यात्रा पूरी तरह गैर राजनीतिक और शांतिपूर्ण होगी। इस दौरान किसी भी राजनीतिक दल को मंच साझा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ किसानों के हक और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। किसान संगठनों के मुताबिक, 7 फरवरी से शुरू होने वाली यह यात्रा 19 मार्च को दिल्ली पहुंचकर एक बार फिर देश में किसान आंदोलन को नई धार दे सकती है।

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