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गन्ना मूल्य बढ़ोतरी के बाद इथेनॉल की कीमत संशोधन की सिफारिश

ethanol price

नई दिल्ली: कृषि लागत और मूल्य आयोग ने गन्ने के बढ़े हुए उचित और लाभकारी मूल्य के बाद इथेनॉल की कीमतों में भी संशोधन की सिफारिश की है। आयोग का कहना है कि गन्ने की लागत बढ़ने के बावजूद इथेनॉल के दाम में समान वृद्धि नहीं हुई, जिससे चीनी उद्योग पर दबाव बढ़ रहा है।

गन्ने का नया मूल्य और किसानों को राहत

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने के मूल्य में 10 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इसके बाद गन्ने का नया मूल्य 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इस फैसले से किसानों की आय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

इथेनॉल कीमत बढ़ाने की जरूरत

आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में गन्ने के मूल्य और अनाज आधारित इथेनॉल की कीमतों में वृद्धि हुई है, लेकिन गन्ने से बनने वाले इथेनॉल के दाम लगभग स्थिर रहे हैं। इस असंतुलन के कारण चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, इसलिए इथेनॉल कीमतों में बदलाव जरूरी बताया गया है।

दोहरी मूल्य व्यवस्था का सुझाव

आयोग ने चीनी के लिए दोहरी मूल्य व्यवस्था लागू करने का सुझाव भी दिया है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं और व्यावसायिक उपयोग के लिए अलग-अलग कीमतें तय की जा सकती हैं। इससे उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।

उद्योग में बढ़ती चुनौतियां

रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में कई चीनी मिलों ने इथेनॉल उत्पादन शुरू किया है, लेकिन गन्ने की उपलब्धता और मांग में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। इसके चलते उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है और बड़ी संख्या में मिलें बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं।

उच्च स्तरीय समिति बनाने की मांग

इन समस्याओं के समाधान के लिए आयोग ने एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की सिफारिश की है। यह समिति गन्ना क्षेत्र निर्धारण, मिलों के बीच दूरी, राजस्व बंटवारा और मूल्य व्यवस्था जैसे मुद्दों की समीक्षा करेगी। इसका उद्देश्य उद्योग को स्थिरता देना और किसानों को बेहतर लाभ सुनिश्चित करना है।

भविष्य की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इथेनॉल और चीनी से जुड़ी नीतियों में संतुलन बनाया गया, तो इससे किसानों और उद्योग दोनों को फायदा होगा। आने वाले समय में सरकार के फैसले इस क्षेत्र की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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