समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले के किसानों और स्वरोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जिले में पहली बार कोल्ड प्रेस ऑयल मिल एवं पैकेजिंग इकाई स्थापित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य तिलहनी फसलों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण बढ़ाना, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत सरकारी सहायता मिलने से किसान और युवा अपना स्वयं का उद्योग स्थापित कर सकेंगे।
24 जिलों में स्थापित होंगी 123 कोल्ड प्रेस ऑयल मिल इकाइयां
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार के 24 जिलों में कुल 123 कोल्ड प्रेस ऑयल मिल इकाइयों की स्थापना को मंजूरी दी है। इस पर लगभग 4.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। समस्तीपुर भी इस योजना से लाभान्वित होने वाले जिलों में शामिल है। यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो लाभार्थियों का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
सामान्य वर्ग को 40 और अनुसूचित जाति वर्ग को 50 प्रतिशत अनुदान
जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह के अनुसार, इस योजना के तहत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। कोल्ड प्रेस तकनीक से कम तापमान पर बिना किसी रसायन के तेल निकाला जाता है, जिससे सरसों, तिल और अन्य तिलहनी फसलों के तेल की गुणवत्ता और पोषण बेहतर बना रहता है।
किसानों को मिलेगा बेहतर दाम और स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की सुविधा
इस योजना से किसानों को अपनी उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण करने का अवसर मिलेगा, जिससे बिचौलियों पर उनकी निर्भरता कम होगी। पैकेजिंग इकाई की सुविधा मिलने से स्थानीय स्तर पर नए ब्रांड विकसित किए जा सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
ऑनलाइन आवेदन के लिए दस्तावेज पहले से रखें तैयार
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों और उद्यमियों को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए आवेदक के पास भूमि, भवन और आवश्यक आधारभूत ढांचा होना अनिवार्य है। इसके अलावा उद्यम पंजीकरण, वस्तु एवं सेवा कर पंजीकरण तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित आवश्यक लाइसेंस भी होना जरूरी होगा।
जिला स्तरीय समिति करेगी आवेदनों की जांच
सभी आवेदनों की जांच जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। यदि आवेदन निर्धारित संख्या से अधिक प्राप्त होते हैं तो पात्र लाभार्थियों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। कृषि विभाग ने किसानों और स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
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