पटना: बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और फसल की कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से सोलर क्रॉप ड्रायर योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत किसानों को 100 किलोग्राम क्षमता वाला सौर ऊर्जा से संचालित फसल सुखाने का यंत्र खरीदने पर बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और प्रसंस्करण के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी बढ़ेगा।
3.50 लाख की लागत पर मिलेगी 1.40 लाख रुपये की सहायता
राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि योजना के तहत 100 किलोग्राम क्षमता वाले सोलर क्रॉप ड्रायर की कुल कीमत 3.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें से किसानों को 1.40 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इससे किसानों पर मशीन खरीदने का आर्थिक बोझ कम होगा और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा।
बिजली और डीजल पर खर्च की नहीं होगी जरूरत
सोलर क्रॉप ड्रायर पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होता है। इसके संचालन के लिए बिजली या डीजल जैसे ईंधन की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे किसानों का नियमित संचालन खर्च भी कम होगा और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, दूरदराज के उन क्षेत्रों में भी इसका उपयोग आसानी से किया जा सकेगा, जहां बिजली की उपलब्धता सीमित है।
फसलों का मूल्य बढ़ाने में मिलेगी मदद
सोलर क्रॉप ड्रायर की सहायता से किसान लहसुन, प्याज, अदरक, सहजन, टमाटर, मशरूम सहित कई कृषि उत्पादों को वैज्ञानिक तरीके से सुखाकर सुरक्षित रख सकते हैं। इन उत्पादों को सुखाने के बाद उनका प्रसंस्करण कर पाउडर, सूखे टुकड़े, हर्बल उत्पाद और अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी और बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से जोड़ना है। सोलर क्रॉप ड्रायर योजना से कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आने के साथ-साथ कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि होगी और आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग भी तेजी से बढ़ेगा।
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