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केमिकल्स पर ड्यूटी छूट से खाद सस्ती, किसानों को राहत

Chemicals

नई दिल्ली: मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक संकट के बीच केंद्र सरकार ने फर्टिलाइज़र और केमिकल उद्योग को बड़ी राहत दी है। सरकार ने अमोनियम नाइट्रेट सहित कई प्रमुख पेट्रो केमिकल्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट देने का ऐलान किया है। यह छूट 2 अप्रैल से 30 जून 2026 तक लागू रहेगी, जिससे उद्योगों की लागत घटेगी और किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध हो सकेगी।

किन रसायनों पर मिली छूट

वित्त मंत्रालय के अनुसार करीब 40 पेट्रोकेमिकल कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों पर आयात शुल्क हटा दिया गया है। इनमें अमोनियम नाइट्रेट, मेथनॉल, फिनॉल, पीवीसी और पॉलीप्रोपाइलीन जैसे महत्वपूर्ण केमिकल्स शामिल हैं। सरकार ने इस कदम को जनहित में उठाया गया निर्णय बताया है, ताकि वैश्विक संकट के बीच उद्योगों को राहत मिल सके।

उद्योग और किसानों दोनों को फायदा

इस फैसले से खासतौर पर उर्वरक कंपनियों को बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि अमोनियम नाइट्रेट खाद निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। कच्चे माल की लागत घटने से उर्वरकों का उत्पादन सस्ता होगा और बाजार में आपूर्ति बेहतर बनेगी। इसके साथ ही इस रसायन पर लगने वाले कृषि अवसंरचना विकास उपकर को भी समाप्त कर दिया गया है।

उत्पादन लागत घटेगी, महंगाई पर असर

ड्यूटी छूट के चलते उद्योगों को सस्ता कच्चा माल मिलेगा, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी। इससे आपूर्ति में सुधार होगा और महंगाई को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। इन रसायनों का उपयोग पैकेजिंग, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, उपभोक्ता वस्तुएं, रक्षा, चिकित्सा उपकरण और औषधि निर्माण जैसे कई क्षेत्रों में होता है।

खाद की कीमत और उपलब्धता पर असर

अमोनियम नाइट्रेट पर शुल्क हटने से उर्वरकों की उपलब्धता बनी रहेगी और उनकी कीमतों को स्थिर रखने में सहायता मिलेगी। इससे किसानों को समय पर और सस्ती खाद मिल सकेगी, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा। कुल मिलाकर, सरकार का यह फैसला उद्योग और कृषि दोनों क्षेत्रों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है, जो मौजूदा वैश्विक संकट के बीच आर्थिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

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