पटना: बिहार में चीनी और गन्ना उद्योग को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार और वसंतदादा शुगर संस्थान, पुणे के बीच महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी से बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने, गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि की नई संभावनाएं बनी हैं। विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार की अध्यक्षता में इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया। इसे राज्य के गन्ना क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो दीर्घकालिक विकास योजनाओं को गति देगा।
आधुनिक तकनीक से बदलेगा गन्ना क्षेत्र
सरकार का उद्देश्य गन्ना खेती को आधुनिक बनाना और चीनी मिलों का उन्नयन करना है। इस समझौते के तहत बेहतर किस्म के गन्ने, नई तकनीक और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों को बेहतर उत्पादन और उचित बाजार मिलने की उम्मीद है।
बंद मिलें फिर होंगी चालू
इस पहल के तहत राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना भी की जाएगी, जिससे गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
अनुसंधान और प्रशिक्षण पर जोर
इस साझेदारी में अनुसंधान, नई किस्मों का विकास और किसानों को प्रशिक्षण देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। रोग प्रतिरोधी गन्ना प्रजातियों के विकास और वैज्ञानिक खेती के तरीकों को अपनाने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
किसानों की आय में होगा इजाफा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से गन्ना किसानों की आय में सीधा लाभ होगा। बेहतर तकनीक और प्रबंधन से उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों को अधिक मुनाफा मिलेगा और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी। यह समझौता बिहार को गन्ना और चीनी उद्योग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में राज्य की कृषि और उद्योग दोनों को नई गति मिलेगी।
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