नई दिल्ली: खेती-किसानी को आसान और लाभदायक बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किसानों को अब किफायती और सरल तरीके से कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। यह ऋण किसानों को न केवल फसल उत्पादन और कृषि उपकरणों की खरीद के लिए बल्कि सिंचाई सुविधाओं के विकास, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्लीनिक और ट्रेड सेंटर स्थापित करने के लिए भी प्रदान किया जा रहा है। खास बात यह है कि सरकार की ओर से 3 लाख रुपये तक के छोटे कर्ज पर समय पर किस्त चुकाने की शर्त पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। यह योजना उन किसानों के लिए शुरू की गई है जो सीमित संसाधनों में खेती करते हैं और तकनीकी या वित्तीय सहायता के बिना कृषि में आधुनिक सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते। इस योजना के तहत सरकार ने तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करते हुए ‘सिंगल क्लिक लोन सुविधा’ की शुरुआत की है, जिससे किसान बिना किसी दलाल या दफ्तरों के चक्कर लगाए सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान हुआ ऋण आवेदन
कृषि ऋण के लिए आवेदन करने के लिए किसानों को jansamarth.in पोर्टल पर जाना होगा। यहां “Apply Now” विकल्प पर क्लिक करने के बाद, यदि किसान पहली बार इस पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, तो उन्हें अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स और कृषि से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी रखनी होती है। इसके बाद किसान ऋण के उद्देश्य का चयन करते हैं, जैसे किसानी, मशीनरी की खरीद, सिंचाई सुविधा आदि। उन्हें अपने बैंक खाते की जानकारी दर्ज करनी होती है और eNWRs (इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद) के माध्यम से फसल भंडारण से जुड़ी जानकारी भी फेच करनी होती है। इसके बाद आधार सत्यापन किया जाता है और पैन नंबर की वैरीफिकेशन की जाती है (हालांकि पैन वैरीफिकेशन वैकल्पिक है)।
आवेदन प्रक्रिया में किसान की व्यक्तिगत, पारिवारिक, और कृषि संबंधी जानकारी भरनी होती है, साथ ही गारंटर की जानकारी देना वैकल्पिक रहता है। बैंक अकाउंट और क्रेडिट हिस्ट्री की जांच के बाद सिस्टम किसान के अनुरूप उपलब्ध सभी बैंक उत्पादों को दिखाता है। किसान इनमें से अपनी पसंद की बैंक और ब्रांच का चयन कर सकते हैं और अंत में डिजिटल अप्रूवल लेटर प्राप्त कर सकते हैं।
फॉर्म 60 और बैंक विकल्प
यदि किसी किसान के पास पैन कार्ड नहीं है तो पोर्टल फॉर्म 60 ऑटोमेटिक जनरेट करता है। इसके साथ ही बैंकिंग सिस्टम में उपलब्ध सभी प्रासंगिक बैंक प्रोडक्ट्स को एक साथ प्रदर्शित किया जाता है, जिससे किसान अपने लिए सबसे उपयुक्त ऋण योजना चुन सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया न केवल डिजिटल है बल्कि पारदर्शी भी है, जिससे किसानों को किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं पड़ती। यह पहल सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा है जिसके तहत देशभर के किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें खेती के हर पहलू में तकनीक और वित्तीय मदद से सशक्त करना है।
सरकार द्वारा किसानों को कृषि ऋण देने की यह प्रणाली उनकी आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 3 लाख रुपये तक के कर्ज पर ब्याज मुक्त सुविधा और डिजिटल आवेदन प्रक्रिया किसानों के लिए न केवल राहतकारी है, बल्कि उन्हें खेती में आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में भी प्रभावी साबित हो रही है। ऐसे में जो किसान खेती में नए निवेश की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय एक सुनहरा मौका हो सकता है।
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