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प्याज की इस उन्नत किस्म से किसानों को मिलेगी बम्पर पैदावार

Farmers will get bumper yield from this improved variety of onion

नई दिल्ली: भारतीय कृषि में प्याज हमेशा से ही एक प्रमुख और अत्यधिक लाभकारी नकदी फसल के रूप में पहचानी जाती रही है। भारतीय रसोई में इसके उपयोग और लगातार बनी रहने वाली मांग के कारण इस फसल के बाजार में कभी मंदी नहीं आती है। वर्तमान समय में देश के किसान खरीफ और रबी दोनों मौसमों में प्याज की आधुनिक तकनीकों से खेती करके अपनी आय में निरंतर वृद्धि कर रहे हैं। इसी क्रम में इस खरीफ सीजन में प्याज की एक नई और उन्नत किस्म ने देशभर के किसानों का ध्यान अपनी ओर तेजी से आकर्षित किया है, जिसे कृषि विशेषज्ञों द्वारा उत्पादन बढ़ाने के दृष्टिकोण से बेहद उपयुक्त माना जा रहा है।

एएफडीआर किस्म की विशेषताएं

प्याज की इस नवीन किस्म का रंग गहरा लाल और भूरा होता है तथा यह सौम्य तीखेपन के साथ बेहद कम समय में तैयार हो जाती है। यह फसल मात्र एक सौ सत्तर दिनों के भीतर पूरी तरह से पककर तैयार हो जाती है और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रति हेक्टेयर तीन सौ क्विंटल तक की रिकॉर्ड उपज प्रदान कर सकती है। इस किस्म के प्रमाणित बीजों को किसानों तक आसानी से पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय बीज निगम के ऑनलाइन माध्यम से बिक्री की व्यवस्था की गई है, जहां एक किलोग्राम बीज का पैकेट विशेष छूट के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए इस बीज के साथ विशेष उपहार भी दिए जा रहे हैं, जिसकी अंतिम तिथि तीस जून निर्धारित की गई है ताकि इच्छुक किसान समय रहते घर बैठे गुणवत्तापूर्ण बीज प्राप्त कर सकें।

खेत की तैयारी और बीजारोपण की सही विधि

इस उन्नत किस्म से बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए खेत की समुचित तैयारी और सही विधि से बीजारोपण करना अत्यंत आवश्यक होता है। खेती की शुरुआत करने के लिए किसानों को एक मीटर चौड़ी, तीन मीटर लंबी और लगभग पंद्रह से बीस सेंटीमीटर ऊंची क्यारियां बनानी होती हैं, जिसमें प्रति क्यारी बीस से पच्चीस किलोग्राम गोबर की सड़ी खाद और एक सौ ग्राम मिश्रित खाद मिलाकर मिट्टी को उपजाऊ बनाया जाता है। इस प्रकार तैयार की गई मिट्टी में बुआई करने से पौधों का विकास तेजी से होता है और उपज की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आता है। उच्च उत्पादन क्षमता और सुलभ बीज उपलब्धता के कारण यह किस्म किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक स्थाई जरिया बन रही है, जो भविष्य में देश की कृषि अर्थव्यवस्था और किसान कल्याण को नया आधार प्रदान करेगी।

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