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अटल भूजल योजना से उत्तर प्रदेश में जल संरक्षण को मिल रही है नई मजबूती

Atal Groundwater Scheme

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जल संकट से निपटने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले पौने नौ वर्षों में जिस ठोस और दीर्घकालीन रणनीति पर काम किया है, उसके सकारात्मक परिणाम अब साफ दिखाई देने लगे हैं. भूजल संरक्षण को सरकार ने केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं माना, बल्कि इसे खेती, ग्रामीण जीवन और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा से भी जोड़ा है. अटल भूजल योजना, कैच द रेन और जल संचय जन भागीदारी जैसे अभियानों से प्रदेश में जल प्रबंधन को नई दिशा मिली है.

अटल भूजल योजना के तहत यूपी सरकार की पहल

केंद्र सरकार के सहयोग से लागू अटल भूजल योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश के उन सात राज्यों में शामिल है, जहां जल तनावग्रस्त क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है. योजना के अंतर्गत प्रदेश में 26945.97 हेक्टेयर क्षेत्र में सक्षम जल उपयोग को बढ़ावा दिया गया है. इसके साथ ही 550 डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर और 392 डिजिटल व एनालॉग जल स्तर संकेत स्थापित किए गए हैं, जिससे भूजल स्तर की नियमित और वैज्ञानिक निगरानी संभव हो सकी है.

रियल टाइम मॉनिटरिंग से पारदर्शी जल प्रबंधन

योगी सरकार ने तकनीक आधारित जल प्रबंधन को अपनी नीति का अहम हिस्सा बनाया है. डिजिटल निगरानी प्रणाली के माध्यम से भूजल दोहन और पुनर्भरण पर लगातार नजर रखी जा रही है. पहले कई इलाकों में जल स्तर गिरने की जानकारी देर से मिलती थी, लेकिन अब रियल टाइम डेटा के जरिए प्रशासन को सटीक निर्णय लेने में मदद मिल रही है. इससे जल प्रबंधन अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुआ है.

कैच द रेन अभियान से जल संरचनाओं का विस्तार

वर्षा जल संचयन को लेकर भी उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर काम हुआ है. जल शक्ति अभियान कैच द रेन और जल संचय जन भागीदारी के तहत प्रदेश में हजारों जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है. राष्ट्रीय स्तर पर 39.60 लाख कृत्रिम भूजल पुनर्भरण और जल संचयन कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिनका लाभ उत्तर प्रदेश के कई जिलों को मिला है.

किसानों और ग्रामीण आबादी को मिला सीधा लाभ

तालाबों, कुओं और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन से भूजल स्तर को मजबूती मिली है. इन प्रयासों का सबसे अधिक लाभ किसानों और ग्रामीण आबादी को मिला है. बेहतर भूजल उपलब्धता से सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और पेयजल संकट से जूझ रहे इलाकों में राहत मिली है. सरकार के अनुसार जल सुरक्षा से खेती को स्थायित्व और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है.

भविष्य के जल संकट से निपटने की तैयारी

योगी आदित्यनाथ सरकार के जल संरक्षण प्रयास केवल वर्तमान तक सीमित नहीं हैं. केंद्र और राज्य के समन्वय से उत्तर प्रदेश को जल आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. भूजल संरक्षण, पुनर्भरण और निगरानी को विकास से जोड़कर देखा जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में जल संकट दोबारा न खड़ा हो. तकनीक और जनभागीदारी के सहारे प्रदेश में जल प्रबंधन एक मजबूत और टिकाऊ मॉडल के रूप में उभर रहा है.

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