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मार्च में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान

Above normal rainfall in March

नई दिल्ली: जनवरी-फरवरी में बारिश की कमी के बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मार्च 2026 के लिए राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार देश के अधिकांश हिस्सों में मार्च में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम भारत तथा पूर्व और मध्य भारत के कुछ हिस्से इससे अछूते रह सकते हैं। गुजरात और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर मार्च में हीट वेव की आशंका भी कम बताई गई है।

रबी फसलों के लिए अनुकूल मौसम

मार्च में अपेक्षाकृत ठंडा मौसम रहने से गेहूं, दालें और तिलहन जैसी रबी फसलों की कटाई को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन फसलों की कटाई शुरू हो चुकी है और मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक अपने चरम पर पहुंच सकती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह सकारात्मक संकेत है, क्योंकि हाल के समय में रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद मंडियों में कम कीमतों से किसान जूझ रहे थे। हालांकि आपूर्ति मजबूत बनी रहेगी, लेकिन बेहतर गुणवत्ता और निर्यात संभावनाओं के कारण कीमतों में सुधार की संभावना जताई जा रही है।

दूसरे हिस्से में हीट वेव की आशंका

मार्च के दूसरे हिस्से में कभी-कभी हीट वेव का असर देखा जाता है। वर्ष 2022 में लंबे समय तक चली गर्मी ने रबी फसलों को नुकसान पहुंचाया था। इस बार रबी फसलों की बुआई रिकॉर्ड 660 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हुई है, जो पिछले वर्ष से लगभग 3 प्रतिशत अधिक है। गेहूं की बुआई 334 लाख हेक्टेयर में की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि मार्च 2026 के दौरान देश में औसत वर्षा दीर्घकालिक औसत के 83 से 117 प्रतिशत के बीच ‘सामान्य’ श्रेणी में रहने की संभावना है।

जनवरी-फरवरी में कम बारिश

जनवरी और फरवरी के दौरान देश में कुल वर्षा सामान्य से 60 प्रतिशत कम रही, जो अत्यंत कम की श्रेणी में आती है। दक्षिण भारत को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में बारिश में भारी कमी दर्ज की गई।

MSP पर खरीद की तैयारी

सरसों, चना और गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है। संभावित अच्छी फसल को देखते हुए सरकार ने बफर स्टॉक बढ़ाने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की घोषणा की है। महापात्रा ने यह भी कहा कि मार्च-मई 2026 के दौरान ला नीना से अल नीनो न्यूट्रल स्थिति में बदलाव की संभावना है। हालांकि मॉनसून के दूसरे हिस्से में अल नीनो की स्थिति बन सकती है, लेकिन उसके प्रभाव का आकलन अभी करना जल्दबाजी होगी। मौसम विभाग ने गर्मी के मौसम के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान का भी अनुमान जताया है।

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