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यूपी में सभी जिलों में 100 मॉडल तालाब होंगे विकसित

All districts in UP Pond development

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तालाबों के पर्यावरणीय और सामाजिक महत्व को पुनर्स्थापित करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। सरकार यूपी में सभी जिलों में 100-100 तालाबों को ‘मॉडल तालाब’ के रूप में विकसित करेगी। ये तालाब ग्रे वाटर और प्लास्टिक अपशिष्ट से मुक्त होंगे, जिससे जल गुणवत्ता में सुधार और मच्छरजनित रोगों में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

किसानों को सिंचाई और भूजल रिचार्ज में लाभ

ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब जल संग्रहण के साथ-साथ भूजल रिचार्ज, सिंचाई, जैव विविधता संरक्षण और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। लेकिन स्नान, रसोई और कपड़े धोने से निकलने वाला ग्रे वाटर तथा प्लास्टिक कचरा सीधे तालाबों में जाने से पर्यावरण और ग्रामीण स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत पंचायती राज विभाग ने मॉडल तालाब विकसित करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।

‘मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी’ अभियान

योजना के तहत हर जिले में 100 तालाबों को ‘मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी’ अभियान से जोड़कर मॉडल रूप दिया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक द्वारा सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। पहले चरण में 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में तालाबों का चयन किया जाएगा और यह आकलन होगा कि कितने परिवारों का ग्रे वाटर और कितनी नालियों का पानी तालाब में प्रवाहित हो रहा है। चयनित तालाबों का बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड स्तर भी जांचा जाएगा, ताकि विकास के बाद सुधार का तुलनात्मक आकलन किया जा सके।

प्लास्टिक ट्रैप और बायो फिल्टर सिस्टम

गोरखपुर के जिला पंचायत राज अधिकारी नीलेश प्रताप सिंह के अनुसार चयनित तालाबों के चारों ओर नो प्लास्टिक जोन घोषित किया जाएगा। ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित कर तालाब में प्लास्टिक फेंकने पर रोक लगाई जाएगी। तालाब में गिरने वाली नालियों पर प्लास्टिक ट्रैप वाली जाली और फिल्टर चैंबर लगाए जाएंगे, ताकि कचरा पहले ही रुक जाए। साथ ही नालियों के अंतिम छोर पर बायो फिल्टर सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिसमें कंकड़, रेत और विशेष पौधों के माध्यम से ग्रे वाटर को प्राकृतिक रूप से शुद्ध किया जाएगा।

स्वच्छ जल और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कदम

समुदाय स्तर पर निगरानी व्यवस्था भी विकसित की जाएगी, जिससे प्लास्टिक और ग्रे वाटर की रोकथाम सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों का कहना है कि मॉडल तालाब बनने से जल स्वच्छ और सुरक्षित होगा, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और स्वच्छता को नई दिशा देने की ओर महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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