शिमला मिर्च की खेती कर किसान काफी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसकी खेती पूरे देश में की जाती है। मध्य प्रदेश,पंजाब, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और झारखंड में किसान बड़ी मात्रा में शिमला मिर्च की खेती करते हैं। अगर भाव की बात करें तो बाजार में शिमला मिर्च का औसतन 50 रुपये किलो तक बिकती है।
शिमला मिर्च कई रंगों की होती है। हरी शिमला मिर्च की तरह ही लाल और पीली शिमला मिर्च की भी खेती की जाती है। हालांकि, यह हरी शिमला मिर्च के मुकाबले ये थोड़ी महंगी बिकती हैं। इसकी खेती करने के लिए सबसे पहले शिमला मिर्च की नर्सरी तैयार की जाती है। एक महीने में नर्सरी के अंदर पौधे तैयार हो जाते हैं। इसके बाद चार से पांच बार खेत की जुताई होती है। फिर, जमीन को समतल करने के बाद 2-2 फीट की दूरी पर शिमला मिर्च के पौधे लगा दिए जाते हैं। खास बात यह है कि शिमला मिर्च के खेत में जलभराव नहीं होना चाहिए। इसके लिए खेत में अच्छी तरह से पानी निकासी की व्यवस्था करना ज़रूरी है।
अन्य फसलों की तरह शिमला मिर्च में भी कई रोग लगते हैं। जैसे – एफिड्स, पेपर मोटल वायरस, पेपर माइल्ड मोटेल वायरस, थ्रिप्स और माइट्स इत्यादि। इसलिए शिमला मिर्च की फसल को विभिन्न रोगों से बचाने के उपाय करने चाहिए। जहां तक बात है सिंचाई की तो इसकी सिंचाई हमेशा ड्रिप इरिगेशन की मदद से ही करें। इससे पौधों की बंपर पैदावर मिलती है। शिमला मिर्च की फसल दो महीने में तैयार हो जाती है।
