पटना: बिहार में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए डीजल सब्सिडी स्कीम लागू की है। इस योजना के तहत किसानों को 75 रुपये प्रति लीटर की दर से सब्सिडी दी जाएगी, जो 750 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से होगी। योजना में अधिकतम 8 एकड़ तक के लिए ही सब्सिडी का प्रावधान है। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से किए जा सकते हैं। अधिकांश जिलों में ऑनलाइन आवेदन जारी है, लेकिन अररिया, कटिहार, किशनगंज, खगड़िया, नालंदा, शिवहर, भागलपुर, सहरसा, सारण, लखीसराय, रोहतास, सीतामढ़ी और सीवान जिलों में फिलहाल ऑनलाइन आवेदन बंद हैं। सरकार ने किसानों को आवेदन करने से पहले आधार नंबर की जांच करने की सलाह दी है, क्योंकि सब्सिडी का पैसा केवल आधार से जुड़े बैंक खाते में ही भेजा जाएगा।
रसीद से जुड़े नियम
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास कंप्यूटराइज्ड या डिजिटल डीजल रसीद होना जरूरी है। हाथ से लिखी रसीद पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। आवेदन करते समय आधार कार्ड पर दर्ज नाम और पिता या पति का नाम सही तरीके से दर्ज करना अनिवार्य है। अगर दोनों में अंतर हुआ तो आवेदन खारिज हो सकता है।
किन किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ खेत मालिक किसान और बटाईदार दोनों ले सकते हैं। रसीद पर पंजीकरण संख्या के अंतिम 10 अंक होने चाहिए और उस पर किसान का अंगूठे का निशान या हस्ताक्षर होना जरूरी है। डीजल खरीद की रसीद 31 जुलाई से 30 अक्तूबर तक की अवधि में मान्य होगी।
आवेदन की श्रेणियां
योजना के लिए किसानों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है: स्वयं, बटाईदार और स्वयं एवं बटाईदार।
स्वयं श्रेणी में थाना नंबर, खाता नंबर, खेसरा नंबर, कुल सिंचित रकबा, अगल-बगल के किसानों के दो नाम, भूमि दस्तावेज और डीजल रसीद अपलोड करनी होगी।
बटाईदार श्रेणी में खेसरा नंबर, कुल सिंचित रकबा, दो पड़ोसी किसानों के नाम और उनके हस्ताक्षर किए दस्तावेज, तथा डिजिटल डीजल रसीद अपलोड करनी होगी।
स्वयं एवं बटाईदार श्रेणी में दोनों प्रकार की सूचनाएं और दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
सरकार का मानना है कि इस योजना से किसानों को सिंचाई लागत में राहत मिलेगी और सूखे की स्थिति में भी फसल बचाने में मदद होगी।
