नई दिल्ली: आने वाले महीनों में गेहूं और आटे की कीमत में गिरावट हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, देश का गेहूं उत्पादन 2022-23 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में 11.2 करोड़ टन से अधिक रहने का अनुमान है, जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। वहीं, कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, फसल वर्ष 2021-22 में प्रमुख उत्पादक राज्यों में लू के कारण गेहूं का उत्पादन घटकर 106.84 मिलियन टन रह गया था। 2020-21 में देश ने रिकॉर्ड 109.59 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन हासिल किया था। ऐसी संभावना है कि मौसम की मौजूदा स्थिति और थोड़े अधिक रकबे के कारण गेहूं की फसल की संभावना बेहतर है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, किसानों ने 2022-23 फसल वर्ष (जुलाई-जून) के मौजूदा रबी सीजन में 6 जनवरी तक 332.16 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान 329.88 लाख हेक्टेयर में बुआई की गई थी।
इस साल गेहूं के उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद

