भोपाल: मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं की खरीद प्रक्रिया को तेज करते हुए दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदी को और मजबूत बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अब तक 28 हजार 199 किसानों से 12 लाख 52 हजार 470 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।
किसानों को करोड़ों का भुगतान
सरकार द्वारा गेहूं बेचने वाले किसानों के खातों में 10 करोड़ 23 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित की गई है। बेहतर मूल्य मिलने के कारण किसान बड़ी संख्या में अपनी उपज बेचने के लिए आगे आ रहे हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में पहले ही खरीदी शुरू हो चुकी थी, जबकि अन्य क्षेत्रों में 15 अप्रैल से प्रक्रिया शुरू की गई है।
लाखों किसानों ने कराया पंजीकरण
राज्य में इस बार किसानों की सक्रियता काफी बढ़ी है। अब तक 2 लाख 35 हजार से अधिक किसानों ने 1 करोड़ से ज्यादा क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए हैं। प्रदेशभर में कुल 3171 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है।
केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं
खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, छाया, तौल कांटे, बारदाना, सिलाई मशीन और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही गुणवत्ता जांच और साफ-सफाई की भी उचित व्यवस्था की गई है, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
एमएसपी और बोनस का लाभ
इस वर्ष सरकार 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दे रही है। इस प्रकार किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिल रहा है। खरीदे गए गेहूं के भंडारण और परिवहन की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
रिकॉर्ड खरीदी का लक्ष्य
इस बार प्रदेश में 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष से काफी अधिक है। सरकार ने इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले साल के मुकाबले अधिक है। इससे साफ है कि राज्य में गेहूं खरीदी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और किसानों को इसका लाभ मिल रहा है।
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