लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और रबी फसलों की उत्पादकता में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में कृषि विभाग ने इस सीजन में किसानों को 5.50 लाख से अधिक तिलहन के मिनीकिट वितरित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही, किसानों को नई कृषि तकनीक की जानकारी देने के लिए 7653 किसान पाठशालाएं भी चलाई जाएंगी।
रबी सीजन में तिलहन फसलों की भूमिका बेहद अहम होती है। खरीफ की तुलना में रबी के मौसम में कीट और बीमारियों का संक्रमण कम रहता है, जिससे तिलहनी फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता अधिक होती है।
नवीन प्रजातियों को बढ़ावा देने के लिए अनुदान योजना
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं और अनुदान कार्यक्रम शुरू किए हैं। विशेष रूप से, योगी सरकार किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम 9,000 रुपये का अनुदान प्रदान कर रही है।
इसके साथ ही, तिलहन फसलों के नि:शुल्क मिनीकिट, खंड प्रदर्शन और किसान पाठशाला कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि विधियों से जोड़ना और उत्पादन लागत को कम करते हुए अधिक उपज प्राप्त करना है।
डीबीटी के माध्यम से किसानों को सीधे मिलेगी सब्सिडी
उत्तर प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि इस रबी सीजन में राज्यभर में 5.50 लाख तिलहन मिनीकिट, 7653 खंड प्रदर्शन और 7653 किसान पाठशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को बीजों पर अनुदान एट-सोर्स सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जा रहा है, जबकि प्रदर्शन का अनुदान सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजा जाएगा।
रबी सीजन में उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का फोकस
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि योगी सरकार किसानों को अन्नदाता मानते हुए उनके समग्र विकास और आय वृद्धि पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी क्रम में रबी फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय रबी गोष्ठी में हजारों किसानों ने भाग लिया, जहां उन्हें बीज उपचार, जैव उर्वरक, और कृषि रक्षा रसायनों के सही उपयोग की जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान बीज को बीज जनित एवं भूमि जनित रोगों से बचाकर बोआई करें, तो फसलों की लागत कम और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
कृषि तकनीक से बढ़ेगा उत्पादन और घटेगी लागत
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल बोने से पहले बीज को जैव रसायन से उपचारित करें, जिससे बीमारियों की संभावना कम होगी और पौधों की वृद्धि बेहतर होगी। इससे न केवल किसानों की खेती लागत घटेगी, बल्कि उपज में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है।
आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि रबी सीजन में तिलहन उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाए। कृषि विभाग की यह पहल तेलहन आत्मनिर्भरता मिशन को भी मजबूती प्रदान करेगी।
इस योजना के तहत न केवल किसानों को उन्नत बीज और तकनीकी सहयोग मिलेगा, बल्कि उन्हें बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर तिलहन फसल बेचने के अवसर भी प्राप्त होंगे।
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