लखनऊ: रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही फसलों की बेहतर वृद्धि के लिए उर्वरकों की मांग तेजी से बढ़ गई है। वहीं, पिछले कुछ दिनों से किसानों के सामने उर्वरकों की कमी की समस्या सामने आने लगी है। इस स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को आवश्यकता अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी भी जिले में रबी सीजन की बुआई प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की प्रतिदिन समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस समय प्रदेश में गत वर्ष की तुलना में डीएपी का 2.27 लाख मीट्रिक टन, एनपीके का 1.63 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी का 0.50 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध है। कृषि विभाग ने बताया कि जनपदों की मांग के अनुरूप आवश्यक मात्रा में उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
उर्वरक की बिक्री पर सख्त निगरानी के निर्देश
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि उर्वरकों की बिक्री निर्धारित मूल्य पर की जाए और प्रत्येक किसान को खरीद के बाद रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अनुदानित उर्वरकों (यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी, एसएसपी) के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूरिया के अवैध डायवर्जन पर कड़ी निगरानी रखी जाए, क्योंकि वर्तमान में डीएपी की मांग आपूर्ति के मुकाबले अधिक है।
रबी सीजन में फसलों की बुआई प्रभावित न हो: एस.पी. गोयल
मुख्य सचिव ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में उर्वरकों की आपूर्ति और बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी विक्रय केंद्र पर उर्वरकों का स्टॉक 7.5 मीट्रिक टन से कम नहीं होना चाहिए, और यदि स्टॉक घटता है तो तुरंत पुनः आवंटन किया जाए। उन्होंने कहा, “किसानों तक उर्वरकों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जाए, ताकि रबी सीजन की बुआई में किसी प्रकार की बाधा न आए।”
जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा भी हुई
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने ‘जीरो पावर्टी अभियान’ की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में सात प्राथमिकता वाली योजनाओं राशन कार्ड, दिव्यांगजन पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, पीएम किसान सम्मान निधि, आवास योजना और पीएम जन आरोग्य योजना के तहत शत-प्रतिशत परिवारों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि अधिकारी समयबद्ध तरीके से लक्ष्यों को पूरा करें और नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें।
लाभार्थियों के पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड में शामिल हो
एस.पी. गोयल ने कहा कि एक माह का विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए पात्र लाभार्थियों को सभी योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि हर लाभार्थी के पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड में दर्ज हो।
द्वितीय चरण में अन्य योजनाओं का लाभ भी मिलेगा
जीरो पावर्टी अभियान के दूसरे चरण में पीएम उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, पेय जल कनेक्शन, विद्युत कनेक्शन, शिक्षा एवं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जैसी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों को दिया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जिलाधिकारी पोर्टल पर उपलब्ध परिवारों का सत्यापन करें और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का लाभ दिलाएं।
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