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उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 1 मई से राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी की व्यवस्था लागू कर दी गई है। फिलहाल पूरे देश में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लागू है। इसकी वजह से लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गृहराज्य से दूर अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं। ऐसे में, इस व्यवस्था से उत्तर प्रदेश में फँसे प्रवासी मजदूरों को काफी फायदा होगा। अब उन्हें ‘वन नेशन, वन कार्ड’ व्यवस्था के तहत राशन कार्ड दिखाए बिना ही राशन मिल सकेगा। इसके लिए उन्हें बस अपना राशन कार्ड नंबर देना होगा।

आपको बता दें कि 1 मई से केंद्र सरकार ‘वन नेशन, वन कार्ड’ योजना के तहत राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी की शुरुआत कर रही है। इस योजना की शुरुआत के बाद उत्तर प्रदेश का कोई लाभार्थी अन्य राज्य से तथा अन्य राज्य का कोई लाभार्थी उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (NFSA) के तहत बने किसी भी राशन कार्ड की केवल संख्या बताकर राशन ले सकता है। लेकिन इसके साथ एक शर्त यह है कि यह सुविधा केवल आधार आधारित वितरण व पिछले 6 माह से सक्रिय राशन कार्डों पर ही मिलेगी।

फिलहाल उत्तर प्रदेश सहित 16 राज्यों के प्रवासी राष्ट्रीय राशन पोर्टेबिलिटी के तहत राशन ले सकेंगे। इस व्यवस्था के तहत आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, बिहार, पंजाब, हिमाचल प्रदेश तथा केंद्र शासित प्रदेश दादरा नगर हवेली के लाभार्थियों को लाभ मिल सकेगा। सरकार की इस योजना से विशेष रूप से प्रवासी मज़दूर लाभान्वित होंगे, जिन्हें रोजगार की तलाश में एक राज्य से दूसरे राज्य में जा कर रहना पड़ता है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के योग्य परिवारों को 15 अप्रैल से 5 किलो चावल का मुफ्त में वितरण किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए गरीब परिवारों को राहत देने के लिए इसकी घोषणा की गई थी। इसके तहत प्रदेश में शुक्रवार से राशन दुकानों पर गेहूं और चावल का वितरण होगा। इसमें अन्त्योदय कार्डधारकों, श्रमिकों-मज़दूरों के लिए यह वितरण निशुल्क होगा।

कोरोना वायरस से उपजे हालातों की वजह से प्रदेश में अब तक क़रीब 3.8 लाख नए राशन कार्ड बनाए गए हैं ताकि मजदूर, मनरेगा श्रमिक तथा अन्य ज़रूरतमंदों को राशन मिल सके। इन सबको 15 अप्रैल से राशन दिया जा रहा है। दिव्यांगजनों को और जिन क्षेत्रों में कम्प्लीट लॉकडाउन लागू है वहाँ राशन की होम डिलीवरी की जा रही है

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