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उत्तर प्रदेश: कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को मिलेगा भारी अनुदान

Uttar Pradesh government will give huge subsidy on agricultural equipment

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेश के अन्नदाता किसानों को एक विशेष उपहार देने जा रही है। सरकार की इस कल्याणकारी योजना के तहत राज्य के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर भारी अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक किसानों को सात अक्टूबर से बीस अक्टूबर तक कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। संयुक्त कृषि निदेशक बलराम वर्मा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय कृषि योजनाओं के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण और यंत्र रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि खेती की लागत को कम किया जा सके और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।

नेशनल मिशन योजना के तहत हजारों कृषि उपकरणों पर मिलेगी सब्सिडी

कृषि विभाग द्वारा संचालित नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना और सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन के तहत कुल दो हजार एक सौ छियासठ कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत एक हजार सात सौ पचपन कृषि यंत्रों और अन्य कृषि रक्षा उपकरणों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए दस लाख रुपये तक तथा फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए तीस लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। साथ ही किसान ड्रोन, मक्का शेलर, मिलेट पर्लर और कीट रोग नियंत्रण यंत्रों जैसे आधुनिक उपकरणों पर भी किसानों को आकर्षक अनुदान मिलेगा।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया और योजना का लाभ उठाने का तरीका

किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र प्राप्त करने के लिए सात से बीस अक्टूबर के मध्य आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। आवेदन करने के लिए किसानों को वेबसाइट पर उपलब्ध किसान कॉर्नर विकल्प में जाकर यंत्र बुकिंग प्रारंभ पर क्लिक करना होगा। इस डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से किसान जनपदवार यंत्रों की उपलब्धता, बुकिंग की स्थिति, पात्रता के नियम और अनुदान की पूरी प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। समय पर आवेदन करके किसान इन आधुनिक यंत्रों को बेहद कम लागत में प्राप्त कर सकते हैं, जिससे न केवल श्रम और समय की बचत होगी, बल्कि प्रदेश में आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को भी एक नई दिशा मिलेगी।

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