लखनऊ: उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 में वित्त मंत्री ने राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं और विकास कार्यों का ऐलान किया है। बजट का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, खासकर मजदूरों, किसानों और महिलाओं को सशक्त बनाना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। श्रमिक कल्याण, कृषि एवं सिंचाई, ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन को इस बजट में प्राथमिकता दी गई है।
श्रमिक कल्याण और रोजगार को बढ़ावा
शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण किया जा रहा है, जहां उन्हें आराम और सुरक्षित ठहरने की सुविधा मिलेगी। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित मजदूरों की दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये और आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। प्रदेश में पहली बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और शिक्षा के लिए मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया है। साथ ही रोजगार के इच्छुक लोगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन की स्थापना की गई है।
कृषि और सिंचाई में विकास की पहल
किसानों को नलकूपों से सिंचाई के लिए 1 अप्रैल 2023 से मुफ्त बिजली दी जा रही है। वर्ष 2025-26 में अल्पकालिक फसली ऋण के तहत 15 लाख से अधिक किसानों को 10,257 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। दीर्घकालिक ऋण के अंतर्गत 6,870 किसानों को 205 करोड़ रुपये मिले। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2017-18 से 2024-25 तक लगभग 62 लाख किसानों को 5,110 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 3.12 करोड़ किसानों के खातों में करीब 94,668 करोड़ रुपये सीधे जमा किए गए। प्रदेश गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में देश में अग्रणी है। सिंचित क्षेत्र 2016-17 में 2.16 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है, जबकि फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत हो गई है।
ऊर्जा और स्वच्छ स्रोतों का विस्तार
राज्य की ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 2016-17 में 5,878 मेगावॉट से बढ़कर 2025-26 में 9,120 मेगावॉट हो गई है। इसके अलावा 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखियों ने 39,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया। महिला सामर्थ्य योजना के तहत प्रदेश में 5 मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों का गठन किया गया है। महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे करीब 60,000 महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। सेफ सिटी परियोजना, महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी रोमियो स्क्वॉड के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
मिशन शक्ति और बालिकाओं का विकास
मिशन शक्ति योजना के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं का समन्वय किया गया है। मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अंतर्गत जनवरी 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं।
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी योजना
वर्ष 2026-27 में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए 18,290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 30 प्रतिशत अधिक है। मध्यगंगा स्टेज-2, कनहर, केन-बेतवा लिंक और भौरट बांध जैसी परियोजनाओं से 4.49 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। 2100 नए नलकूप बनाए गए और 569 पुराने नलकूपों का पुनर्निर्माण हुआ है। बाढ़ नियंत्रण और ड्रेन सफाई के लिए 285 परियोजनाएं पूरी की गई हैं। उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 का लक्ष्य सभी वर्गों को सशक्त बनाकर प्रदेश को विकास के नए पथ पर ले जाना है। बेहतर कृषि सुविधाएं, मजबूत ऊर्जा ढांचा, महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के अवसर प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाई देंगे।
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