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बेमौसम बारिश से कई राज्यों में फसल तबाह, किसानों की बढ़ी चिंता

Unseasonal Rain

नई दिल्ली: बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने देश के कई राज्यों में भारी तबाही मचा दी है। खेतों में कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल पानी में भीग गई है, जबकि तेज हवाओं के कारण खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है। इससे दानों के सड़ने और उत्पादन में भारी कमी का खतरा बढ़ गया है। सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब और उत्तर प्रदेश में देखा गया है, जबकि हरियाणा, राजस्थान और गुजरात भी इस आपदा से अछूते नहीं रहे। गेहूं के अलावा सब्जी और दलहन की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। प्रभावित किसानों ने सरकार से जल्द सर्वे और राहत देने की मांग की है।

उत्तर प्रदेश में कई जिलों में फसल बर्बाद

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, लखीमपुर, पीलीभीत, बरेली, कासगंज, एटा और अलीगढ़ सहित कई जिलों में बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अलीगढ़ में दो दिन की मूसलाधार बारिश से खेतों में कटी फसल पूरी तरह भीग गई, जबकि मंडियों में रखा गेहूं भी सुरक्षित नहीं रह सका।

प्रयागराज के करछना, मेजा और फूलपुर क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश से खेतों में खड़ी और कटी दोनों तरह की फसलें खराब हो गईं। कई किसानों की गट्ठर बनाई गई फसल तेज हवाओं में उड़कर दूसरे खेतों में चली गई।

पीलीभीत में अचानक बदले मौसम ने तराई क्षेत्र के किसानों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। वहीं अयोध्या और आगरा में भी तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है।

एटा और कासगंज में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई है। लखीमपुर खीरी और फिरोजाबाद में भी यही हाल देखने को मिला, जहां खड़ी गेहूं की फसल गिरकर खराब हो गई।

हरियाणा में मंडियों तक पहुंचा नुकसान

हरियाणा के नूंह जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। खेतों के साथ-साथ अनाज मंडियों में रखा गेहूं भी भीगकर खराब हो रहा है। पुन्हाना अनाज मंडी में खुले में रखा अनाज सड़ने लगा है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी आधी से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है।

पंजाब में लाखों एकड़ फसल प्रभावित

पंजाब के मालवा क्षेत्र में करीब एक लाख पच्चीस हजार एकड़ फसल प्रभावित हुई है। मोहाली, मोगा, अमृतसर और फाजिल्का जैसे जिलों में बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। कई किसानों ने बताया कि फसल कटाई के ठीक पहले आई इस आपदा ने उनकी पूरी मेहनत खत्म कर दी। राज्य के कृषि मंत्री ने बताया कि नुकसान का सही आकलन करने के लिए सैकड़ों कर्मचारियों को लगाया गया है। किसानों ने प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

गुजरात और राजस्थान में भी तबाही

गुजरात के वडोदरा, मेहसाणा, साबरकांठा, खेड़ा और अरावली जिलों में तेज हवाओं और बारिश से फसलें गिर गईं। कटाई के समय पर आई इस आपदा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडियों में रखी उपज को भी नुकसान पहुंचा है।

वहीं राजस्थान के कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज अंधड़ ने पकी हुई फसलों को जमीन पर गिरा दिया। गेहूं के साथ सरसों की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने गिरदावरी करवाकर जल्द मुआवजा देने की मांग की है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में फिर बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

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