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बिहार में “कल्याण यात्रा” के तहत कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा करेंगे किसानों से संवाद, समस्याओं का समाधान

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद अब राज्य के उपमुख्यमंत्री और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी जनता के बीच अपनी सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। इसके लिए उन्होंने “कल्याण यात्रा” की शुरुआत करने का फैसला लिया है। इस यात्रा के तहत वे राज्य के सभी जिलों का दौरा करेंगे और किसानों के साथ सीधा संवाद करेंगे। उनका उद्देश्य किसानों की समस्याओं को समझना, उनका समाधान करना और कृषि विभाग की योजनाओं को सही तरीके से लागू करना है।

कृषि कल्याण यात्रा का उद्देश्य

पटना स्थित कृषि भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि यह यात्रा राज्य के सभी जिलों में आयोजित की जाएगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बिहार के किसानों से सीधा संवाद स्थापित करना और खेती में आने वाली समस्याओं का समाधान करना है। कृषि विभाग की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाना और उनके लाभ का अधिकतम सुनिश्चित करना भी इस यात्रा का अहम हिस्सा होगा। हालांकि, यात्रा की शुरूआत की निश्चित तिथि अभी तय नहीं हुई है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि इसे बजट सत्र के बाद शुरू किया जाएगा।

कृषि मंत्री का उद्देश्य और दृष्टिकोण

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस यात्रा के दौरान किसानों से हर स्तर पर जुड़ाव की बात की। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि और किसानों के विकास के लिए भौतिक, डिजिटल और सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की मौजूदा रेल और सड़क संरचना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोनों सुविधाएं कृषि के विकास में अहम भूमिका निभा सकती हैं। राज्य में 6,700 किलोमीटर का रेल नेटवर्क और 2 लाख किलोमीटर की सड़क संरचना है, जिसका सही तरीके से उपयोग किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले रबी सत्र से दलहन और तिलहन फसलों की खरीद शुरू की जाएगी, और टाल क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका मानना है कि कृषि क्षेत्र के विकास से ही राज्य का समग्र विकास संभव है, क्योंकि जब किसान उन्नति करेगा, तब बिहार का संपूर्ण विकास होगा।

कृषि मंत्री का विश्वास और समर्पण

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दूसरी बार कृषि मंत्री का कार्यभार संभालते हुए कहा कि एक विकसित बिहार का निर्माण तभी संभव है, जब राज्य के कृषि और किसानों का वास्तविक उत्थान होगा। कृषि ही वह क्षेत्र है, जो बिहार के गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला वर्ग के सभी लोगों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। राज्य की लगभग 75 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, और इनमें से 90 प्रतिशत किसान लघु और सीमांत श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें समाज के 80 प्रतिशत कृषि आधारित जनता की सेवा करने का अवसर मिला है और वह उनके उत्थान में अपना योगदान दे सकते हैं।

“कल्याण यात्रा” के माध्यम से कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का उद्देश्य राज्य के किसानों के साथ सीधे संपर्क स्थापित कर उनके समग्र विकास के लिए कार्य करना है। इस यात्रा से न सिर्फ किसानों की समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है, बल्कि राज्य की कृषि योजनाओं को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का भी प्रयास किया जाएगा। यह यात्रा बिहार के कृषि क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिससे राज्य का समग्र विकास संभव हो सकेगा।

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