हरियाणा की छछरौली मंडी में टमाटर की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। यहां टमाटर का भाव 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जिसके चलते खुदरा बाजार में टमाटर 100 रुपये प्रति किलो से ज्यादा में बिक रहा है। अचानक आई इस तेजी ने आम उपभोक्ताओं के बजट को हिला दिया है, क्योंकि टमाटर रोजमर्रा की रसोई का अहम हिस्सा है। वर्तमान में हरियाणा के कई बाजारों में टमाटर की खुदरा कीमत 80 से 100 रुपये प्रति किलो के बीच है और अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह और बढ़ सकती है, जिससे ग्राहकों की जेब पर और बोझ पड़ेगा।
हरियाणा की अन्य मंडियों में भी टमाटर के दाम तेजी से ऊपर गए हैं। अंबाला शहर में 1,750 से 2,280 रुपये प्रति क्विंटल, बहादुरगढ़ में 2,500 से 6,000 रुपये, बरवाला में 4,800 से 5,000 रुपये, फारुख नगर में 5,600 से 6,000 रुपये और गनौर में 4,000 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल का भाव देखने को मिला। गोहाना में अधिकतम भाव 7,000 रुपये और घरौंदा में 5,200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। महाराष्ट्र की मंडियों में भी यही रुझान नजर आ रहा है। मुंबई में टमाटर का भाव 3,500 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल, कोल्हापुर में 1,500 से 4,500 रुपये, कामठी में 3,635 से 4,235 रुपये और अकलुज में 1,500 से 3,500 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
मूल्य वृद्धि की मुख्य वजह लगातार हो रही बारिश के कारण फसल को हुआ नुकसान और आपूर्ति में कमी बताई जा रही है। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसल सड़ गई, जिससे बाजार में टमाटर की उपलब्धता घट गई है। इसके अलावा, बिचौलियों की भूमिका और आपूर्ति श्रृंखला में आ रही दिक्कतों ने भी कीमतों को और ऊपर धकेल दिया है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में मैक्सिकन और अमेरिकी किसानों के बीच व्यापारिक विवाद को भी कीमतों में अप्रत्यक्ष प्रभाव डालने वाला कारक बताया गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक टमाटर के दामों में गिरावट की संभावना कम है। मौजूदा हालात को देखते हुए, आने वाले हफ्तों में उपभोक्ताओं को महंगे टमाटर खरीदने के लिए मजबूर रहना पड़ सकता है।

